सुपारी कारोबार की आड़ में जीएसटी चोरी का आरोप

सुपारी कारोबार की आड़ में जीएसटी चोरी का आरोप

# फर्जी ई-वे बिल और बोगस फर्मों के जरिए करोड़ों के राजस्व नुकसान की चर्चा

कानपुर। 
तहलका 24×7 
                शहर में सुपारी कारोबार की आड़ में बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी किए जाने के आरोपों ने व्यापारिक और कर विभागीय हलकों में हलचल पैदा कर दी है।सूत्रों के अनुसार,कुछ दलाल और टैक्स चोरी कराने वाले गिरोह फर्जी ई-वे बिल,बोगस फर्मों और कागजी लेनदेन के जरिए करोड़ों रुपये के माल का परिवहन कर सरकार को हर महीने भारी राजस्व नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि यह नेटवर्क कारोबारियों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराकर बोगस फर्मों के माध्यम से माल की खरीद-फरोख्त दर्शाता है,जिससे जीएसटी नियमों को दरकिनार किया जा सके।चर्चा है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद यह गिरोह अब भी सक्रिय है।व्यापारिक संगठनों और जानकारों का मानना है कि यदि जीएसटी विभाग इन मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच कराए, तो टैक्स चोरी से जुड़े कई बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।इसके लिए सुपारी कारोबार से जुड़े संदिग्ध लेनदेन,ई-वे बिल और फर्मों का विशेष ऑडिट कराने की मांग उठ रही है।
साथ ही,यदि जांच में किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।सूत्रों का दावा है कि हाल के कुछ मामलों से संकेत मिले हैं कि सुपारी कारोबार के माध्यम से टैक्स चोरी का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। हालांकि,इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।उधर,जीएसटी विभाग का कहना है कि संदिग्ध मामलों की जांच जारी है और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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