जौनपुर : निजीकरण के विरोध का दंश झेल रहे ग्रामीण, दर्जनों गांव अंधेरे में

जौनपुर : निजीकरण के विरोध का दंश झेल रहे ग्रामीण, दर्जनों गांव अंधेरे में

# दो फीडर की बिजली आपूर्ति चार दिन से बाधित, पेयजल की बढ़ी समस्या 

खेतासराय। 
अज़ीम सिद्दीकी 
तहलका 24×7
               विद्युत विभाग का निजीकरण के विरोध को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल का दंश सीधी सादी जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते दर्जनों गांव चार दिन से अंधेरे में हैं।विभागीय अधिकारियों की मानें तो जहां बिजली सुचारू से मिल रही है वहां मिलेगी लेकिन जहां खराब है वहां खराब रहेगी।
बता दें कि विद्युत उप केन्द्र सबरहद व सोंगर जाने वाली तैतीस हजार की लाइन मंगलवार को कहीं फाल्ट में चली गई जो अब तक ठीक नहीं हो सकी। ऐसा निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर चल रहे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा मरम्मत न होने से हुआ जिसका परिणाम हुआ कि दर्जनों गांव चार दिन से अंधेरे में है। शाहगंज से तैतीस हजार बोल्ट की आपूर्ति विद्युत उपकेंद्र सोंगर व सबरहद फीडर पर आने वाली मंगलवार की सुबह लगभग ग्यारह बजे से ब्रेकडाउन में चली गई।
इस दौरान विद्युत उपकेंद्र सोंगर व सबरहद फीडर पर आने वाली आपूर्ति बंद हो गई परिणाम स्वरूप इस उपकेंद्र से जुड़ने वाले अरंद, पाराकमाल, उसरहटा, रफीपुर, भरौली, सोंगर, मवई, बरंगी, लखमापुर, गुरदौली, मुस्तफाबाद, जैगहा, सीधा, फरीदपुर, भदैला समेत दर्जनों गांवों की आपूर्ति ठप चल रही है। विद्युत आपूर्ति बंद रहने से ग्रामीण जहां चार दिन से अंधेरे में हैं वहीं किसानों का कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। एक विद्युत कर्मचारी ने बताया कि शट डाउन न मिल पाने से कर्मचारी मरम्मत कर पाने में असमर्थ हैं। जेई के अलावा लाइन मैन को तैतीस हजार का शट डाउन लेने का अधिकार नहीं है।
Previous articleजौनपुर : नपं कचगांव में युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है साफ सफाई अभियान
Next articleजौनपुर : शार्ट सर्किट से लगी आग, सब कुछ जलकर राख 
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?