जौनपुर : प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आदर्श गांव पिलकिछा की जमीनी हकीकत

जौनपुर : प्रदेश सरकार द्वारा घोषित आदर्श गांव पिलकिछा की जमीनी हकीकत

# सरस हाट, खोवा मंडी और शीतगृह चालू कराने की चुनौती

खुटहन।
मुलायम सोनी
तहलका 24×7
                  विकास खंड में सर्वाधिक आबादी व क्षेत्रफल वाला गांव पिलकिछा को प्रदेश सरकार द्वारा आदर्श गांव घोषित किए जाने से ग्रामीणो में खुशी छा गयी। उन्हें एक बार फिर दशकों से बंद चल रहे शीतगृह, सरस हाट और खोवा मंडी के पुनः संचालन की आश जग गई है। इसके अलावा गांव के गोमती नदी तट पर संचालित श्मशान घाट के भी दिन बहुरने की उम्मीद ग्रामीण लगाए हुए है।ग्राम प्रधान सुषमा यादव के पति नरेंद्र यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में वर्ष 1972 में सहकारी शीतगृह का शुभारंभ किया गया।

उस समय भूभाग छोड़कर इसे बनाकर तैयार करने मे 10 लाख रूपया ब्यय किया गया था। जो 1996 से बंद पड़ा है। इसके अलावा वर्ष 2000 में यहां पांच पांच लाख की लागत से अलग अलग स्थानों पर सरस हाट और खोवा मंडी बनायी गई थी। जिसमें न तो कभी सब्जी मंडी लगी, और न ही कभी खोवा का कारोबार हुआ। यहाँ लगाया गया हैंडपंप भी चोर उखाड़ ले गए। यहाँ बनाए गये कमरे और हाल भी जर्जर अवस्था में पहुंच चुके है। गांव को आदर्श गांव घोषित किए जाने का उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब किसानो के सरोकार से जुड़े उक्त संसाधनो को पुनर्जीवित किया जाय। इन्हें पुनः संचालित कराना शासन प्रशासन के समक्ष किसी चुनौती से कम नहीं है।

गाँव की आबादी- 15522
कुल मतदाता- 8573
कुल जाबकार्ड- 1100
राशनकार्ड- 2000

# गाँव में सक्रिय संसाधन

सीएससी, थाना, डाकखाना, इंटर कालेज, डिग्री कालेज

# बंद पड़े संसाधन

शीतगृह, सरसहाट एंव खोवा मंडी
Previous articleजौनपुर : राष्ट्र निर्माता होता है शिक्षक- डॉ गोरखनाथ पटेल
Next articleगाजीपुर : बरसात के लिए ग्रामीण पुराने टोटकों को आजमाने की तैयारी में..
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?