दूल्हे को दिव्यांग बता दुल्हन ने ठुकराई विदाई
# रातभर चली पंचायत के बाद मामला पहुंचा थाने
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
स्थानीय थाना क्षेत्र के मैनुद्दीनपुर गांव में एक शादी उस वक्त विवाद का सबब बन गई,जब विवाह की तमाम रस्में पूरी होने के बाद विदाई के समय दुल्हन ने ससुराल जाने से इंकार कर दिया।दुल्हन का आरोप था कि दूल्हे की शारीरिक दिव्यांगता की जानकारी शादी से पहले उससे और उसके परिजनों से छिपाई गई थी। इस मामले ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया और दोनों पक्षों के बीच तनातनी का माहौल पैदा हो गया।जानकारी के अनुसार सुल्तानपुर जनपद के एक गांव से बारात रविवार शाम मैनुद्दीनपुर गांव पहुंची थी।

बारात के स्वागत के बाद द्वारचार,वरमाला,सात फेरे और अन्य वैवाहिक रस्में पूरी रौनक और खुशी के माहौल में रातभर अंजाम दी गईं।दोनों परिवारों के रिश्तेदार और मेहमान शादी की खुशियों में शरीक हुए और देर रात तक जश्न का माहौल बना रहा।सोमवार सुबह जब विदाई का समय हुआ तो दुल्हन को दिव्यांगता की जानकारी हुई तो दुल्हन ने फौरन विदाई से इंकार कर दिया और साफ तौर पर कहा कि उसके साथ महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर शादी कराई गई है।

दुल्हन के इस फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और कहासुनी शुरु हो गई।माहौल धीरे-धीरे गरमा गया और गांव में चर्चा का विषय बन गया।दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि दूल्हे की दिव्यांगता को जानबूझकर छिपाया गया,जबकि दूल्हा पक्ष ने अपने बचाव में अलग-अलग दलीलें पेश कीं।दोनों परिवारों के बीच मतभेद इतना बढ़ गया,गांव के सम्मानित लोगों और बुजुर्गों को बीच-बचाव के लिए आगे आना पड़ा।मामले को सुलझाने के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई।

दोनों पक्ष के लोगों,रिश्तेदारों और गणमान्य व्यक्तियों ने घंटों तक मशविरा किया।पंचायत के दौरान रिश्ते को बचाने और विवाद को खत्म करने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका।दुल्हन अपने फैसले पर कायम रही और ससुराल जाने के लिए तैयार नहीं हुई।जब पंचायत से भी मसले का हल नहीं निकल पाया तो मामला थाने पहुंचा।थाने में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत और समझाइश का दौर चला।

पुलिस अधिकारियों ने दोनों परिवारों को अमन और आपसी रज़ामंदी के साथ मसले का हल निकालने की सलाह दी।आखिरकार कई घंटे की गुफ्तगू के बाद दोनों पक्ष एक समझौते पर राजी हो गए।इस संबंध में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से मामले का निस्तारण करा दिया गया है।किसी भी पक्ष ने आगे कानूनी कार्रवाई करने की इच्छा व्यक्त नहीं की।पुलिस की मौजूदगी में सौहार्दपूर्ण तरीके से समझौता हुआ और मामला शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।

















