जौनपुर : बच्चों में कैसे बढ़ाया जाए वैज्ञानिक दृष्टिकोण

जौनपुर : बच्चों में कैसे बढ़ाया जाए वैज्ञानिक दृष्टिकोण

# राष्ट्रीय विकास दिवस पर संगोष्ठी आयोजित

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
               सरजू प्रसाद शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था जज कॉलोनी जौनपुर के तत्वाधान में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर “बच्चों में कैसे बढ़ाया जाए वैज्ञानिक दृष्टिकोण” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता करते हुए तिलकधारी महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सूर्यमणि तिवारी ने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण उपयुक्त वातावरण पैदा करके बढ़ाया जा सकता है जितना ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण का दैनिक जीवन में उपयोग होगा उतना ही इसका संवर्धन होगा।

अगर बच्चों को उपयुक्त संसाधन उपलब्ध हो तो वह अपने ज्ञान को उस दिशा में बढ़ा सकते हैं। पहले ज्ञानार्जन अध्यापकों पुस्तकों में निहित ज्ञान पर ही सीमित रहता था किंतु आज हम टीवी रेडियो कंप्यूटर स्मार्टफोन इन का उपयोग करके अपना ज्ञान संवर्धन अच्छी तरह कर सकते हैं । आज वैज्ञानिक विषयों पर कैसेट उपलब्ध है वह भी हमारे लिए सहायक सिद्ध हो सकते हैं। वैज्ञानिक सिद्धांत बच्चों को पढ़ाई जा रहे हैं लेकिन उसका प्रयोग नहीं कराया जा रहा है बच्चों में ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग नवाचार की जरूरत है। जो जिस विषय में दक्ष है उसे जीवन में उसी दिशा में कार्य करना चाहिए। उच्च श्रेणी के डॉक्टर इंजीनियर को राजनीति में आने से रोका जाना चाहिए। प्रौद्योगिकीय में सरकार के द्वारा काफी प्रयास किया गया है और काफी सफलता मिली भी है लेकिन  ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है संवेदनशील होना भी अत्यंत जरूरी है वह ज्ञान समाज उपयोगी भी हो। दीन दुखियों के प्रति सेवा भाव पैदा हो। लेकिन आज दुर्भाग्य है कि डॉक्टर इंजीनियर वैज्ञानिक ज्यादा पैसा कैसे पैदा हो इस पर ज्यादा विचार कर रहे हैं।

डॉ दिलीप सिंह मध्यस्थ अधिकारी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि महान वैज्ञानिक आइंस्टीन पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम सभी ने विशेष जोर दिया कि बच्चे हमेशा बड़े सपने देखें। बच्चों का जिज्ञासुपन ही उन्हें सवाल करने को प्रेरित करता है। यही जिज्ञासा अंतर्दृष्टि नवाचार प्रयोग से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ता है।उक्त अवसर पर डॉक्टर सुधा सिंह, विनोद कुमार मिश्रा, प्रमोद कुमार प्रजापति, अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार श्रीवास्तव इत्यादि लोगों ने विचार व्यक्त किया। अंत में आयोजक संस्था सचिव/ पूर्व अध्यक्ष चाइल्ड वेलफेयर कमेटी संजय उपाध्याय ने कहा कि संस्था बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने के लिए सतत प्रयत्नशील रहेगी।

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