जौनपुर : होली का त्योहार नज़दीक आते ही मिलावटी मिठाइयों से पटा बाजार

जौनपुर : होली का त्योहार नज़दीक आते ही मिलावटी मिठाइयों से पटा बाजार

# धड़ल्ले से बिक रही है सिंथेटिक दूध से निर्मित मिठाईयां व खोवा

खेतासराय।
अज़ीम सिद्दीकी
तहलका 24×7
               होली का त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर पूरी तरह से सक्रिय हो गए है। ऐसे में आप सभी को सावधान होने की जरूरत है। कहीं मिठाई के नाम पर ज़हर तो नहीं खा रहे हैं? यह कोई नई बात नहीं है। वर्ष भर में तमाम त्योहार आते हैं। जिसमें मिठाई की जरूरत प्रमुख रूप से होती हैं। ऐसे में ज्यों-ज्यों त्योहार नज़दीक आता है त्यों-त्यों मिलावट खोरी का धंधा बड़ी तेजी के साथ शुरू होता हैं। इन दिनों बड़े धूमधाम से यह गोरखधन्धा नगर सहित आसपास में चल रहा है। जिससे कस्बा नकली मिठाइयों से गुलज़ार हैं। यही विभागीय उदासीनता के कारण ऐसे गोरखधन्धा करने वालों का हौसला बुलन्द हैं।

यदि भूले- भटके से कोरम पूरा करने की नीयत से जिम्मेदार अधिकारी पहुँच भी जाते हैं तो बस खानापूर्ति करके बैरंग लौट जाते है या फ़िर हिम्मत जुटाकर सैम्पलिंग कर लेते हैं और बाद में मामला रफ़ा-दफ़ा हो जाता है। ऐसे में इस लचर व्यवस्था के आगें सभी लोगों को सावधान होने की जरूरत है। वरना फ़ूड प्वाइजनिंग या अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। त्योहार में यदि आप मिठाई की दुकान पर मिठाई खरीदने जाते हैं तो थोड़ा ठहरिये कहीं आप डेट एक्सपायर की मिठाई तो नहीं ख़रीद रहे हैं। खाद्य सुरक्षा क़ानून के तहत मिठाई बेचने वालों को ट्रे में रखी मिठाई के साथ एक पर्ची रखना जरूरी हैं की ट्रे में रखी मिठाई कब तक उपयोग किया जा सकता हैं।

लेकिन स्थानीय क़स्बा खेतासराय में कोई भी दुकानदार इसका पालन नहीं करता हैं। न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी पालन कराने की जहमत उठाने की कोशिश कर रहे है जबकि क़स्बा में कई दर्जन मिठाइयों की दुकान हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा के तहत जारी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा हैं। खाद्य सुरक्षा की गाइडलाइन का पालन दुकानदार कागजों में भले कर रहे हो। लेकिन लोग डेट एक्सपायर मिठाई खाने को मजबूर है? या तो कह सकते है की जिम्मेदार अधिकारियों की नज़र में खेतासराय कस्बा की हर दुकानों पर ताज़ी मिठाई प्रतिदिन मिलती हैं। ऐसे में विभागीय जिम्मेदार कार्यवाही करने में कोताही क्यों बरत रहे है समझ से परे हैं। अगर त्योहारों में कार्यवाही के लिए टीम आती भी हैं तो इतिश्री करके वापिस लौट जाती है औऱ मामला ठंडे बस्ते में चला जाता हैं।

# रेडीमेड मिठाईयां बेचने की रहती है होड़

त्योहार नज़दीक आते ही दुकानदारों द्वारा रेडिमेड मिठाईयां बेचने की होड़ मच जाती है। हर दुकानदार की दिली इच्छा होती है कि कितना अधिक से अधिक मिठाईयां बेच ले। जिसमें ज्यादातर मिठाईयां बनी होती है या रेडीमेड यानी दुकानदार बना बनाया मिठाई खरीदकर बिक्री करते है। जिससे पता नहीं चल पाता है मिठाई कहा और कब की बनी है। इसकी खाने की सीमा क्या है। जबकि सरकार का आदेश है कि मिठाई की दुकानों पर बिकने वाली मिठाईयों की मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट लिखकर लगाएं। लेकिन ऐसा स्थानीय कस्बा सहित आस- पास के क्षेत्रों में देखने को नहीं मिल रहा है। ऐसे में अधिकारियों के नाक के नीचे खुलेआम मिलावटी मिठाईयां बेची जा रही है। मिठाइयों का यह गोरखधंधा चिराग तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ कर रही है।

# क्या कहते है डॉक्टर्स

मिलावटी या डेट स्पायर मिठाइयों का यदि आप सेवन करते है तो आप के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इस सम्बंध में चिकित्साधिकारी पीएचसी सोंधी डॉ. मसूद अहमद खान ने बताया कि खास तौर पर बाजारों में खुले में बिकने वाली मिठाइयों को नहीं खरीदना चाहिए। जिस पर धूल या मक्खी बैठ जाने से दूषित होती है। जो स्वास्थ्य के नुकसान दायक होती है। इसके अलावा मिलावटी या डेट स्पायर मिठाई खाने से व्यक्ति को फ़ूड पॉइज़निंग, उल्टी- दस्त या डायरिया हो सकता है। मिठाई में पड़े रंग भी काफी नुकसान दायक होता है। उससे लीवर इन्फेक्शन हो सकता है। कभी- कभी ज्यादा उल्टी दस्त शुरू हो जाता है तो दिक्कतें बढ़ जाती है। ऐसे में व्यक्ति को डेट स्पायर या कलरफुल मिठाई खाने से बचना चाहिए।

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