दुर्घटना में मृत रसोइया के परिजनों की शिक्षकों ने की आर्थिक मदद
जौनपुर। विश्व प्रकाश श्रीवास्तव तहलका 24×7 कम्पोजिट विद्यालय लखौवाँ के रसोईया विजय गौतम की गत 17 मार्च होली के दिन सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। परिवार में पत्नी के अलावा एक 12 साल का एक बेटा है। उनकी दयनीय स्थिति को देखते हुए विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निर्मला यादव एवं पूरे स्टाफ के निवेदन पर विद्यालय के ही सहायक अध्यापक टीएन यादव (पूर्व नौसैनिक) जिला कोषाध्यक्ष/ब्लॉक अध्यक्ष अटेवा सिकरारा जौनपुर ने रसोइयाँ के लिए आर्थिक मदद का आह्वान किया।
इस आर्थिक सहयोग को सिकरारा के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक ने हाथों हाथ ले लिया। आर्थिक सहयोग के इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।करीब 200 शिक्षक, अनुदेशक एवं शिक्षामित्रों ने अपने अमुल्य सहयोग के रूप में ₹ 92000 एकत्रित कर पीड़ित परिवार को दिया। ज्ञात हो विद्यालय के रसोइयों को मात्र ₹1500 रुपए प्रति माह मानदेय के रूप में मिलता है। जिससे एक परिवार का जीवन यापन किसी तरह किया जा सकता है।
किसी भी आपात स्थिति को निपटने के लिए उनके पास सरकार की तरफ से कोई भी आर्थिक सहयोग का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में इस परिवार को सहयोग की त्वरित आवश्यकता थी।इसी को मद्देनजर रखते हुए यह सहयोग अभियान सिकरारा के शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने पीड़ित परिवार के मदद के लिए अपना हाथ बढ़ाया और यह अभियान पीड़ित परिवार की मदत करने में सफल रहा।
विद्यालय में श्रद्धांजलि देकर शोकसभा आयोजित कर मृतक विजय कुमार की पत्नी सुनीता देवी को ₹92000 सहयोग राशि के रूप में दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी सिकरारा राजीव कुमार ने अपने संदेश में कहा कि यह एक बेहद पुनीत कार्य है, शिक्षकों ने जो सहयोग राशि प्रदान की है उससे परिवार को बल मिलेगा और विषम परिस्थितियों में उनके काम आएगा।
इस अवसर पर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ विकासखंड सिकरारा के अध्यक्ष देशबंधु यादव, मंत्री संतोष कनौजिया, प्राथमिक शिक्षक संघ विकास खंड सिकरारा के अध्यक्ष धीरेंद्र यादव सहित डॉ कृपानिधि, रिजवान सिद्दीकी, रामचंद्र यादव, रविंद्र कुमार, शरद यादव, जय किशन, विनोद कुमार, डॉ संजय रजक, बालेंद्र यादव, रमेश मौर्या, अरविंद यादव, एनपीआरसी अनंत यादव, राजकुमार, तेरसू राम, छोटेलाल, चंद्रशेखर यादव, सुषमा सरोज, शिक्षामित्र कमलेश कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक व शिक्षिका उपस्थित रहे। साथ ही सभी ने एक स्वर में भविष्य में भी परिवार को कठिन परिस्थितियों में मदद करने का आश्वासन दिया।