पुलिस एनकाउंटर में रवि के ढेर होने की सूचना से मचा कोहराम
# पिता बनाना चाहते थे योग्य अधिकारी,सपने पर फिरा पानी, दहाड़ें मारकर रो रहा भाई
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
क्षेत्र के सोंधी गांव में सोमवार सुबह उस समय मातम पसर गया,जब यह खबर पहुंची कि दुल्हा हत्याकांड का आरोपित और एक लाख रुपये का इनामी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।जिस घर में कभी बेटे के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे जाते थे,वहां अचानक चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
रवि यादव कमलेश यादव का सबसे छोटा बेटा था। परिवार सामान्य किसान पृष्ठभूमि से जुड़ा है।

पिता गांव में किराने की छोटी दुकान चलाने के साथ खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।मां अमरावती देवी गृहिणी हैं।तीन भाइयों में रवि सबसे छोटा था।बड़ा भाई दीपक यादव सहज जनसेवा केंद्र संचालित करता है,जबकि मंझला भाई कुलदीप यादव और बहन वंदना अभी पढ़ाई कर रहे हैं।ग्रामीणों के अनुसार रवि ने हाईस्कूल की पढ़ाई जौनपुर तथा आगे की शिक्षा सफीपुर में प्राप्त की थी।परिवार को उम्मीद थी कि वह पढ़-लिखकर एक अच्छा अधिकारी बनेगा,लेकिन किशोरावस्था में उसकी संगत बदलने लगी।

बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान ही उसका संपर्क अपराधी प्रवृत्ति के युवकों से हो गया था और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया में कदम रखता चला गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि रवि बेहद कम बोलने वाला युवक था।वह अपनी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी किसी से साझा नहीं करता था।अक्सर गांव से बाहर रहता था और उसके साथ कम उम्र के लड़कों का समूह दिखाई देता था।करीब तीन-चार वर्षों पूर्व उसने आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से कदम रखा और मारपीट समेत कई मामलों में जेल भी जा चुका था।

एक मई को खेतासराय क्षेत्र में बारात लेकर निकले दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस जांच में रवि यादव का नाम मुख्य आरोपितों में सामने आया।गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।सोमवार तड़के रानीमऊ के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में रवि यादव के मारे जाने की सूचना जैसे ही गांव पहुंची,परिवार में कोहराम मच गया।बताया जाता है कि उस समय घर के लोग सामान्य दिनचर्या में व्यस्त थे।तभी फोन पर एनकाउंटर की सूचना मिली।

खबर सुनते ही बड़ा भाई दीपक यादव बदहवास होकर घर पहुंचा और दहाड़ें मारकर रोने लगा।परिवार की महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।कुछ ही देर में पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया।ग्रामीणों के मुताबिक रवि के पिता कमलेश यादव पहले से ही इस मामले में जेल में बंद हैं। ऐसे में घर पर मां और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।लोगों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई और पूछताछ के डर से परिवार के कई सदस्य पहले से घर से बाहर रह रहे थे।एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद ही कई लोग घर पहुंचे।


















