यूपी में मानसून की सुस्त चाल से बढ़ी चिंता, 37 जिले सूखे जैसे हालात की चपेट में

यूपी में मानसून की सुस्त चाल से बढ़ी चिंता,37 जिले सूखे जैसे हालात की चपेट में

# धान समेत खरीफ फसलों पर संकट के बादल

लखनऊ। 
विजय आनंद 
तहलका 24×7
            उत्तर प्रदेश में इस वर्ष मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।सामान्य तौर पर 18 से 20 जून के बीच प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून 25 जून तक भी पूरी तरह सक्रिय नहीं हो सका है।इसका सीधा असर बारिश के आंकड़ों पर दिखाई दे रहा है और प्रदेश के आधे से अधिक जिले वर्षा की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र,लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार,1 से 25 जून के बीच प्रदेश के 75 जिलों में से 54 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।इनमें 37 जिलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है,जहां 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अलनीनो प्रभाव के कारण मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ी हैं। इसका असर धान,मक्का,अरहर और हरी सब्जियों जैसी खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर पड़ सकता है।
प्रदेश में कौशांबी ऐसा इकलौता जिला रहा,जहां जून माह में अब तक एक बूंद भी बारिश दर्ज नहीं की गई। यहां वर्षा में 100 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार 11 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है, जबकि नौ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।आगरा,एटा,हाथरस और संभल में सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई।वहीं कन्नौज,बुलंदशहर, फिरोजाबाद,मथुरा और मुजफ्फरनगर में भी सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जिन जिलों में 60 से 99 प्रतिशत तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है,उनमें जौनपुर,वाराणसी,चंदौली, प्रयागराज,अयोध्या,भदोही,बाराबंकी,लखनऊ,श्रावस्ती, प्रतापगढ़,मिर्जापुर,सोनभद्र, बस्ती,गोंडा,बलरामपुर, सिद्धार्थनगर,कुशीनगर,देवरिया समेत कुल 37 जिले शामिल हैं।इसके अलावा गाजीपुर,गोरखपुर,सीतापुर, रायबरेली,सुल्तानपुर,बरेली,अलीगढ़,अमरोहा,बिजनौर, शाहजहांपुर समेत 17 जिलों में 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज की गई है।
मानसून की देरी और बारिश की कमी ने किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।खेतों में धान की नर्सरी और रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है।यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की फसलों पर व्यापक असर पड़ सकता है,जिसका प्रभाव कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों पर दिखाई देगा।
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