अमेरिका-ईरान तनाव से उछले कच्चे तेल के दाम,होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी वैश्विक चिंता
नई दिल्ली।
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है।ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने की आशंकाओं के बीच एशियाई बाजार खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।ब्रेंट क्रूड का भाव 71 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

13 जुलाई को एशियाई कारोबार की शुरुआत के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में करीब तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई,जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल मच गई।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर पेट्रोल,डीजल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर पड़ सकता है।इससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो सकती है।

भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय मानी जा रही है।कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने पर ईंधन आयात बिल बढ़ सकता है,जिसका असर आम उपभोक्ताओं और विभिन्न उद्योगों पर पड़ने की संभावना है।बाजार विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव यदि जल्द कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।















