चकबंदी का बड़ा रिकॉर्ड,दशकों से लंबित प्रक्रिया हुई पूरी
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
जिले में चकबंदी विभाग ने बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि हासिल करते हुए दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण कर लिया।जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन,मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के समन्वय से यह कार्य संभव हो सका है।उन्होंने बताया कि कई ऐसे गांव,जहां चकबंदी प्रक्रिया वर्षों पहले शुरू होकर अधूरी पड़ी थी,उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्ण कर चकबंदी से मुक्त किया गया।

इनमें ग्राम पौहा की चकबंदी 55 वर्ष बाद, बेलछा की 46 वर्ष बाद,सिहौली की 43 वर्ष बाद,मैदासपट्टी की 46 वर्ष बाद और कैलावर की 31 वर्ष बाद सफलतापूर्वक पूरी की गई।इसके साथ ही विभाग ने नए अधिसूचित गांवों में भी तेजी दिखाई है।हरिबल्लभपुर गांव में मात्र डेढ़ वर्ष में चकबंदी प्रक्रिया पूरी कर एक मिसाल पेश की गई है।डीएम ने इस उपलब्धि के लिए चकबंदी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की।

राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े ग्रामों,पाली और सुरिस देहाती में भी चकबंदी कर स्थानीय समस्याओं का समाधान किया गया है,जिससे विकास कार्यों में गति आई है।प्रशासन की इस पहल से वर्षों से लंबित विवादों का निस्तारण हुआ है और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।यह उपलब्धि राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण और सुशासन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

















