जन्मोत्सव को बनाया सेवा का पर्व, वृद्धाश्रम में बिताया दिन
# जौनपुर की आराधना शुक्ला ने पेश की प्रेरक मिसाल
आजमगढ़।
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जौनपुर जनपद की शाहगंज निवासी आराधना शुक्ला पेशे से शिक्षिका, लेखिका, कवयित्री एवं शोध छात्रा ने अपने जन्मदिन को समाजसेवा से जोड़कर एक प्रेरणादायक पहल की।शहर के एक प्रतिष्ठित विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहीं आराधना शुक्ला को वर्ष 2022 में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा द्वारा“भारत अटल रत्न”सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।साहित्य के क्षेत्र में भी उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

अपने जन्मोत्सव के अवसर पर वह असीलपुर स्थित एक वृद्धाश्रम पहुंचीं,जहां उन्होंने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके सुख-दुख को करीब से जाना।इस दौरान उन्होंने स्वयं मौजूद रहकर भोजन वितरण कराया,साथ ही फल और आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं।उनके स्नेह और आत्मीय व्यवहार से भावुक हुए वृद्धजनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।इस मौके पर आराधना शुक्ला ने कहा,“आज का दिन मेरे जीवन का सबसे खास दिन बन गया।यहां आकर जो आत्मिक शांति और सुकून मिला,वह किसी भी व्यक्तिगत उत्सव से कहीं अधिक है।”

उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों को सेवा और संवेदना से जोड़ें, ताकि जरूरतमंदों के जीवन में भी खुशियां लाई जा सके।आराधना की यह पहल न केवल सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सच्ची खुशी दूसरों की सेवा और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने में ही निहित है।
















