जौनपुर : नियमित करें ध्यान और प्राणायाम- हरीमूर्ति
धर्मापुर।
हरिओम सहाय
तहलका 24×7
योग हमारी प्राचीनतम जीवन शैली की दिव्यता से परिपूर्ण कला कौशल है। यह उच्चतम कोटि की चिकित्सा पद्धति के साथ उच्चतम कोटि की साधना पद्धति भी है। बच्चों को बचपन से ही योग की संस्कारशाला में संस्कारित करके उनके मनोदैहिक स्वास्थ्य को सर्वोत्तम बनाया जा सकता है यह बातें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बालिकाओं के लिए चल रहे साप्ताहिक योग प्रशिक्षण शिविर में पतंजलि योग समिति के प्रान्तीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति के द्वारा कही गई है।


















