नाबालिग के वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई,अभिभावक पर होगा 25 हजार जुर्माना
नई दिल्ली।
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देश में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर पहले से लागू मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को लेकर एक बार फिर सख्ती बढ़ाई जा रही है।सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक और परिवहन विभाग विभिन्न राज्यों में विशेष अभियान चला रहे हैं। नियमों के तहत यदि 18 वर्ष से कम आयु का कोई किशोर वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है,तो वाहन मालिक या अभिभावक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के अनुसार नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक या वाहन स्वामी को दोषी माना जाएगा।ऐसे मामलों में 25,000 रुपए तक का जुर्माना,तीन वर्ष तक की सजा और वाहन का पंजीकरण 12 महीने तक रद्द किए जाने का प्रावधान है।इसके अलावा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।हालांकि यह स्पष्ट करना जरुरी है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों में जिस तरह“1 जून 2026 से नया नियम लागू”होने का दावा किया जा रहा है,वह पूरी तरह सही नहीं है।

नाबालिग ड्राइविंग पर 25 हजार रुपए जुर्माना, रजिस्ट्रेशन रद्द करने और लाइसेंस पर रोक जैसे प्रावधान मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम-2019 के तहत पहले से लागू हैं।नियमों के अनुसार ओवरस्पीडिंग पर भी वाहन की श्रेणी के आधार पर 1,000 से 2,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर 5,000 रुपए तक का जुर्माना निर्धारित है।परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े इन नियमों का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना है।


















