सुल्तानपुर : 25 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया लेखपाल

सुल्तानपुर : 25 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया लेखपाल

सुल्तानपुर।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
                 सदर तहसील क्षेत्र के एक लेखपाल को एंटी करप्शन की अयोध्या इकाई ने बृहस्पतिवार को पीड़ित से 25 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। तहसील सदर के गेट पर लेखपाल को दबोचने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने गोसाईंगंज थाने में केस दर्ज कराया है। शुक्रवार को लेखपाल को गोरखपुर स्थित एंटी करप्शन की अदालत में पेश किया जाएगा। घटना से अधिकारी-कर्मचारी सकते में आ गए हैं। कोई अधिकारी ब्योरा बताने को तैयार नहीं है।

अयोध्या से आई एंटी करप्शन की टीम के मुताबिक सदर तहसील क्षेत्र के नकराही में तैनात लेखपाल अशोक सिंह की ओर से एक भूमि की पैमाइश करने के एवज में घूस मांगा जा रहा था। पीड़ित शमीम हाशमी ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन में की थी। शिकायत के मुुताबिक लोलेपुर निवासी बहादुर अली ने अपनी एक भूमि का बैनामा नैनुल निशां को किया था। बैनामा की जानकारी होने के बाद विपक्षियों की ओर से उसमें अपना हिस्सा बताकर आपत्ति की गई थी। नैनुल निशां को भूमि पर कब्जे से विपक्षी रोक रहे थे। इसकी शिकायत पर पुलिस की ओर से पैमाइश कराने की सलाह दिए जाने पर प्रकरण तहसील पहुंचा। तहसील से लेखपाल को पैमाइश का निर्देश दिया गया था। इस पर लेखपाल अशोक सिंह की ओर से भूमि की पैमाइश के लिए बहादुर अली के बेटे शमीम हाशमी से 25 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी।

शमीम हाशमी की शिकायत पर बृहस्पतिवार को सुबह अयोध्या से प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने केमिकल लगा नोट पीड़ित शमीम को उपलब्ध कराया था। तहसील सदर के गेट पर जैसे ही पीड़ित शमीम ने लेखपाल अशोक सिंह को केमिकल लगे 25 हजार रुपये दिए, वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। लेखपाल के दबोचे जाते ही तहसील सदर में हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन की टीम इसकी सूचना प्रशासन को देते हुए गिरफ्तार लेखपाल को लेकर गोसाईंगंज थाने पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गोसाईगंज थाने में लेेखपाल के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

प्रभारी निरीक्षक एंटी करप्शन ने बताया कि शुक्रवार को लेखपाल को गोरखपुर स्थित अदालत में पेश किया जाएगा। गिरफ्तारी करने वाली एंटी करप्शन की टीम में निरीक्षक सुरेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, धनंजय सिंह, राघवेंद्र सिंह व रावेंद्र शामिल रहे।बताते हैं कि एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ा नेकराही क्षेत्र का लेखपाल अशोक सिंह पूर्व में लेखपाल संघ का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। संघ का जिलाध्यक्ष रहने की वजह से अधिकारी उसका स्थानांतरण दूर करने से कतराते रहे हैं। इसकी वजह से उसका अधिकांश कार्यकाल शहर व उसके आसपास के क्षेत्रों में बीता है। शहर व उसके आसपास का क्षेत्र लेखपालों के लिए उपजाऊ माना जाता है। इस क्षेत्र को पाने के लिए लेखपाल एड़ी चोटी का जोर लगाते रहते हैं। शहर में तैनात कुछ लेखपाल भूमि के कारोबार को लेकर हमेेशा चर्चा में रहते हैं।
Previous articleसुल्तानपुर : फॉल्ट ठीक कर रहे निजी लाइनमैन की करंट लगने से मौत
Next articleआजमगढ़ : लूट की योजना बना रहे हिस्ट्रीशीटर समेत तीन अभियुक्त गिरफ्तार, चार फरार
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?