हाईकोर्ट की रोक के बाद भी शशिकांत तिवारी को नहीं मिला चार्ज
# बदलापुर के ईओ को गौराबादशाहपुर का अतिरिक्त प्रभार,जनगणना ड्यूटी के चलते तबादले पर लगी है रोक
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
नगर पंचायत गौराबादशाहपुर में अधिशासी अधिकारी की तैनाती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा ईओ शशिकांत तिवारी के स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाए जाने और उन्हें गौराबादशाहपुर में कार्य करते रहने का निर्देश दिए जाने के बावजूद उन्हें नगर पंचायत का चार्ज नहीं मिल सका।अब जिला प्रशासन ने बदलापुर के अधिशासी अधिकारी स्वतंत्र प्रताप सिंह को गौराबादशाहपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।

नगर निकाय निदेशालय की ओर से 31 मई को शशिकांत तिवारी का स्थानांतरण नगर पंचायत गौराबादशाहपुर से नगर पंचायत बिधूना,औरैया के लिए किया गया था।उन्होंने स्थानांतरण आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी।याचिका में बताया गया कि उन्हें जनगणना-2027 के लिए चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।ऐसे में भारत सरकार के 11 मार्च के निर्देश के अनुसार उनका स्थानांतरण नहीं किया जा सकता।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति मंजिव शुक्ला ने 22 जून को स्थानांतरण आदेश के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी।कोर्ट ने शशिकांत तिवारी को गौराबादशाहपुर के अधिशासी अधिकारी के रुप में कार्य करते रहने और वेतन का भुगतान किए जाने का निर्देश दिया।मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को निर्धारित है।हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद शशिकांत तिवारी को गौराबादशाहपुर नगर पंचायत का चार्ज नहीं मिल सका।ईओ का पद प्रभावी रुप से खाली रहने के कारण कर्मचारियों के वेतन भुगतान,सफाई वाहनों के डीजल भुगतान समेत कई प्रशासनिक और वित्तीय कार्य प्रभावित होने लगे।

स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने चार अगस्त को संशोधित आदेश जारी किया।इसके तहत नगर पंचायत बदलापुर के अधिशासी अधिकारी स्वतंत्र प्रताप सिंह को उनके मूल दायित्वों के साथ गौराबादशाहपुर नगर पंचायत के ईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।पांच अगस्त को कार्यालय पत्र जारी कर संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी गई।प्रशासनिक आदेश में कहा गया है कि ईओ की तैनाती नहीं होने के कारण नगर पंचायत के कर्मचारियों के वेतन भुगतान और सफाई कार्य में लगे वाहनों के ईंधन भुगतान में कठिनाई आ रही थी।इससे नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन रही थी।

नगर पंचायत की विभिन्न मदों की धनराशि कोषागार में पड़ी होने तथा उसके आहरण के लिए अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर आवश्यक होने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।प्रशासन ने नगर पंचायत का कामकाज सुचारु रखने के लिए फिलहाल अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था की है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासन अथवा नगर निकाय निदेशालय की ओर से गौराबादशाहपुर में अधिशासी अधिकारी की नियमित तैनाती या संबद्धता किए जाने पर स्वतंत्र प्रताप सिंह का अतिरिक्त प्रभार स्वत: समाप्त हो जाएगा।

अब गौराबादशाहपुर नगर पंचायत में ईओ की तैनाती को लेकर स्थिति 19 अगस्त को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद और स्पष्ट होने की उम्मीद है।फिलहाल हाईकोर्ट की रोक के बावजूद शशिकांत तिवारी को चार्ज नहीं मिलने और दूसरे नगर पंचायत के ईओ को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर प्रशासनिक हलकों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

















