1 जुलाई से ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल,ग्रामीणों को मिलेगी राहत
लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए राहत देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। एक जुलाई से सभी लेखपालों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार ग्राम सचिवालय में बैठना अनिवार्य होगा।इससे ग्रामीणों को आय,जाति,निवास प्रमाण पत्र,खतौनी, वरासत और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

राजस्व परिषद की आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक जिले में लेखपालों की ग्राम सचिवालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए रोस्टर तैयार किया जाए।नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में एक जुलाई से लागू होगी।सरकार का कहना है कि अब तक ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपालों के बैठने का कोई निश्चित स्थान नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।

प्रमाण पत्रों के सत्यापन,खतौनी,वरासत,किसान सम्मान निधि,आपदा राहत और अन्य राजस्व कार्यों के लिए लोगों को बार-बार तहसील या लेखपाल के पास जाना पड़ता था।निर्देश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी जनपद में इस व्यवस्था को लागू करने में कोई समस्या है तो उसकी सूचना 30 जून तक राजस्व परिषद को उपलब्ध कराई जाए।

निर्धारित तिथि तक सूचना नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि संबंधित जिले में व्यवस्था लागू कर दी गई है।नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीणों को अधिकांश राजस्व सेवाएं ग्राम सचिवालय में ही उपलब्ध होंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच गांव स्तर तक और बेहतर हो सकेगी।


















