आत्म अनुशासन से सुधरेगी उच्च शिक्षा- प्रो. डीके त्रिपाठी

आत्म अनुशासन से सुधरेगी उच्च शिक्षा- प्रो. डीके त्रिपाठी

# राणा प्रताप पीजी कालेज में कार्यशाला का आयोजन

सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
            उच्च शिक्षा में सुधार आत्म अनुशासन से ही संभव है। उच्च शिक्षण संस्थानों में अंत: अनुशासनात्मक अध्ययन प्रणाली कारगर सिद्ध होती है। यह बातें राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहीं। वे महाविद्यालय के संगोष्ठी कक्ष में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा ‘टीचिंग लर्निंग एंड इवैल्युएशन- अ नैक पर्सपेक्टिव’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे।

प्राचार्य ने बताया कि महाविद्यालय में संगोष्ठी, वाद विवाद प्रतियोगिता सहित अन्य सहगामी गतिविधियों के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण अधिगम व मूल्यांकन की प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थी केंद्रित बनाकर ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। संचालन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक इंद्रमणि कुमार ने किया। कार्यशाला में पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर एम.पी.सिंह, उप प्राचार्य प्रोफेसर निशा सिंह सहित लगभग पचास शिक्षक उपस्थित रहे।
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