जौनपुर : पिछड़ा वर्ग के आइकॉन थे बीपी मंडल- पप्पू माली
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
अपना दल यस कार्यकर्ताओं द्वारा जिला कार्यालय में पिछड़ों के मसीहा बीपी मंडल का जन्मदिन धूमधाम से मनाया।सर्वप्रथम मुख्य अतिथि के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने बीपी मंडल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमाली ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और मंडल आयोग के अध्यक्ष बीपी मंडल को पिछड़ा वर्ग के आइकॉन के रूप में याद किया जाता है। बीपी मंडल को मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने का एक बड़ा नायक माना गया है उनके प्रयासों की वजह से केंद्र सरकार की नौकरियों एवं केंद्रीय शिक्षा संस्थानों के दाखिला में 27 परसेंट का आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हुआ। आज पूरे देश में अपना दल यस के नेतृत्व में बीपी मंडल का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जा रहा है।

बीपी मंडल का जन्म 25 अगस्त 1918 में हुआ उनका जीवन बड़ा संघर्ष में रहा जन्म के तुरंत बाद इनके पिता जी की मृत्यु हो गई। इनका लालन-पालन इनके बड़े भाई ने किया छात्र जीवन से ही यह पिछड़ों दलितों के लिए संघर्ष करते रहे । 1952 में मधेपुरा बिहार से प्रथम बार विधानसभा सदस्य चुने गए 1968 में बिहार के मुख्यमंत्री बने 1 जनवरी 1979 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने बीपी मंडल को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस जिम्मेदारी को उन्होंने शानदार तरीके से निभाते हुए पूरे देश में भ्रमण कर पिछड़ी जातियों की पहचान की और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की सिफारिश की इसी रिपोर्ट को मंडल कमीशन की रिपोर्ट कहते हैं। लोकतांत्रिक देश के बड़े समुदाय की और बेहतर तरीके से जोड़ने वाले नेता का निधन 13 अप्रैल 1982 को पटना में हो गया।

















