नये कलेवर में भू-माफिया एपीशोड

नये कलेवर में भू-माफिया एपीशोड

# झील में समाहित हुई पिज्जा रेस्टोरेंट की दीवार से दहले ‘जलजीव’

कैलाश सिंह
जौनपुर/लखनऊ। 
तहलका 24×7 
                सात अगस्त को अनवरत बारिश ने जौनपुर शहर के वाजिदपुर इलाके में एक होटल के पिज्जा रेस्टोरेंट की दीवार अल सुबह भहरा गई।गोरखपुर- प्रयागराज फोरलेन पर यह होटल का भवन दरअसल उसी झील में बना है जहां भैंसा नाला सई नदी के उत्तरी छोर के गावों के सैलाब को लेकर गोमती नदी तक आता रहा, लेकिन होटल के नीचे दबाये गए नाले की औकात घटाकर चांदमारी इलाके में नाली में तब्दील कर दी गई, फिर भी जलकुंभी से भरे इस स्वनिर्मित तालाब में पानी बढ़ा तो दीवार को निगल गया।
इसके चलते जल जीव (प्रतीक- एनाकोंडा, मगरमच्छ आदि) यानी तमाम भवनों के मालिक सहम गए हैं।
दरअसल पांच दशक पूर्व झील के रुप में चर्चित यह स्थान जहां अब होटल, मॉल शॉप, निजी अस्पतालों की श्रृंखला है, इसी के मध्य से बाईपास निकला जिससे लुम्बिनी- दुद्दी मार्ग पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिली थी। अब इसी मार्ग पर गोरखपुर से प्रयागराज फोरलेन बन रहा है।इसके चलते झील में काबिज कई भू-माफिया के भवन को बग़ैर मुआवजा दिये सामने वाले हिस्से को काट दिया गया।
हालांकि इन ‘कबर बिज्जुओं’ को दो साल पूर्व तत्कालीन डीएम मनीष वर्मा के कार्यकाल में नोटिस भी दी गई थी, लेकिन इनकी सेहत पर फर्क नहीं पड़ा, अलबत्ता सभी ने मिलकर जमीन की ‘नवैयत’ बदलवाने को लाखों रुपये चंदा जुटाकर प्रदेश की राजधानी तक फाइल पहुंचवाई जो बैरंग लौट आई, फिर एक महिला नेता ने बाकायदे प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री से मेरी बात हो गई है, जमीन की नवैयत बदलेगी और सबके नक्शे वैध हो जाएंगे। नेता के इस बयान से भू-माफिया के चेहरे खिल उठे, आज भी उनकी यह उम्मीद कायम है।
इस जमीन की खासियत जानिए: जिस तरह मानव और जीव जंतुओं के जेंडर निर्धारित होते हैं उसी तरह जमीन भी वर्गीकृत होती हैं, जैसे बाग बगीचे, तालाब, पार्क आदि चाहे जिसके नाम का हो लेकिन इसपर भवन नहीं बनाए जा सकते हैं, इन्हें उसी अवस्था में रखना होता है, लेकिन मास्टर प्लान विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से पांच दशक में इतने भवन फर्जी नक्शे से बन गए कि झील तालाब बनकर रह गई। अबकी हो रही बारिश में रेस्टोरेंट की ढही दीवार ने जलजीव रुपी भू-माफिया को डरा दिया है। इस घटना के बाद हमारी विशेष रिपोर्ट अब नये कलेवर में मिलेगी।
क्रमशः
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