साथी की मां को इंसाफ दिलाने उतरी पूरी पलटन,15 गाड़ियों से कमिश्नर ऑफिस पहुंचे ITBP जवान
कानपुर।
तहलका 24×7
कानपुर पुलिस कमिश्नर कार्यालय उस समय छावनी में तब्दील हो गया,जब 15 गाड़ियों और ट्रकों में सवार होकर हथियारों से लैस ITBP के जवान वहां पहुंच गए।अचानक बड़ी संख्या में पहुंचे जवानों को देखकर कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए।
दरअसल,महाराजपुर स्थित 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत होने पर 13 मई को टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

आरोप है कि इलाज के दौरान उनका हाथ काला पड़ गया और संक्रमण फैलने के कारण उन्हें पारस हॉस्पिटल रेफर करना पड़ा,जहां 17 मई को डॉक्टरों ने उनका हाथ काट दिया।पीड़ित जवान विकास सिंह 20 मई को अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर इंसाफ की मांग करते हुए पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने सीएमओ से जांच रिपोर्ट मांगी थी।

हालांकि,रिपोर्ट में स्पष्ट निष्कर्ष न मिलने और केवल संभावनाओं के आधार पर बात कहे जाने से जवान और उसका परिवार संतुष्ट नहीं था।अपने साथी के साथ हुई इस घटना से आक्रोशित ITBP जवान बड़ी संख्या में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे।ITBP कमांडेंट गौरव प्रसाद और लाइजनिंग अधिकारी अर्पित ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल तथा अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा से मुलाकात कर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की।

अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पीड़ित जवान जांच रिपोर्ट के कई बिंदुओं से असंतुष्ट थे। उनकी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए मामले की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा,उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


















