सुल्तानपुर : जहां संक्रमण का अंत होता है वही संक्रांति है- कपाली बाबा

सुल्तानपुर : जहां संक्रमण का अंत होता है वही संक्रांति है- कपाली बाबा

# बाबा सत्यनाथ मठ पर त्रिदिवसीय अवधूत देशना पर्व का आयोजन

सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
                 जहां संक्रमण का अंत होता है वही संक्रांति है। सूर्य हमारे जीवन का आधार है। मकर संक्रांति हमें यह शिक्षा देती है कि हम किसी भी परिस्थिति में हों हमें अपनी संस्कृति और परंपरा का त्याग नहीं करना चाहिए उक्त बातें अघोर पीठाधीश्वर कपाली बाबा ने कही। वे अल्देमऊ नूरपुर के अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर आयोजित त्रिदिवसीय मकर संक्रांति महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित समारोह को बतौर अध्यक्ष सम्बोधित कर रहे थे।

समारोह को सम्बोधित करते हुए राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि अघोर परम्परा सनातन परंपरा है। दुनिया की सारी परम्पराओं को अपने में समेट कर उन सबको आध्यात्मिक मार्ग दिखाने की क्षमता अघोर परम्परा में विद्यमान है।समारोह का संचालन वरिष्ठ साहित्यकार मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। कार्यक्रम में अयोध्या के कथावाचक आचार्य दिनेश मिश्र, आगरा के पीठाधीश्वर स्वामी योगिराज ठाकुर राज व अयोध्या के डॉ केपी सिंह को स्मृतिचिन्ह व सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अभिमन्यु मौर्य, राहुल पाण्डेय आदि द्वारा भजन गायन किया गया।
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