सुल्तानपुर : लोकमान्य तिलक ने राष्ट्रवाद को दी नई दिशा- ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि
# जनपदीय संग्रहालय में हुई आजादी के गीतों की प्रतियोगिता
सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
‘लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने राष्ट्रवाद को नई दिशा दी। उनके साहस, वीरता और स्वराज के सपने ने स्वतंत्रता आन्दोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’ यह बातें राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहीं। वे जनपदीय संग्रहालय में संस्कृति विभाग द्वारा बाल गंगाधर तिलक के जन्मदिन पर आयोजित ‘आजादी के गीतों की प्रतियोगिता’ कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि साहित्य, पत्रकारिता, समाज और राजनीति आदि क्षेत्रों में तिलक की पकड़ बहुत मजबूत थी। कलमकारों को उनसे राष्ट्रीय और सामाजिक दायित्व निभाने की प्रेरणा मिलती है। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता में केएनआईसी टीम को पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ। टीम सदस्य कक्षा सात की सबीरा खान, जैनब खान, तृषा गुप्ता, स्पर्श कन्नौजिया व कशिश ने मुख्य अतिथि से पुरस्कार ग्रहण किया। दूसरा पुरस्कार लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल की शिवांगी श्रीवास्तव, इच्छा तिवारी, आयशा व अभयांशु की टीम को मिला। तीसरा पुरस्कार टाइनी टाट्स पब्लिक स्कूल के कार्तिक कसौधन, विराज द्विवेदी, वजीहा, कशिश व सौम्या की टीम को मिला।

सांत्वना पुरस्कार लिटिल फ्लावर पब्लिक स्कूल की अंशी पाण्डेय, शौर्य तिवारी, सकीना, गौरी और शिवांगी श्रीवास्तव की टीम को मिला। एकल गायन पर विशेष पुरस्कार केएनआईसी की सबीरा निखत, टाइनी टाट्स की कहकशां बानो, महक, राजकीय इंटर कालेज के रेहान खान, शोभित शर्मा व मोहम्मद रेहान खान को दिया गया। भारत माता बनी केएनआईसी की छात्रा नरगिस फातमा को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

















