सुल्तानपुर : शादी विवाह योजना बंद होने से 1132 लोगों को मिली निराशा
सुल्तानपुर। ज़ेया अनवर तहलका 24×7 शासन की ओर से व्यक्तिगत शादी-विवाह योजना बंद किए जाने से गरीबों को झटका लगा है। बेटियों की शादी में मदद के लिए आवेदन करने वाले जिले के 1132 गरीबों के हाथ निराशा लगी है। ऐसे में उनके सामने एकाएक आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने गरीबों की बेटियों की शादी के लिए संचालित व्यक्तिगत शादी-विवाह योजना के लिए बजट का आवंटन कर दिया था। इसके तहत अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के बेटियों की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग, पिछड़ी जाति की बेटियों की शादी के लिए पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम वर्ग के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को बजट आवंटित किया गया था। जिले के अल्पसंख्यक विभाग को एक करोड़ चार लाख, पिछड़ा वर्ग को तीन करोड़ 10 लाख व समाज कल्याण विभाग को 60 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। योजना के तहत आवेदन भी मांगे गए थे।
अधिकारियों के मुताबिक तीनों विभागों में बेटियों की शादी के लिए 1132 आवेदन ऑनलाइन आए थे। इसके तहत गरीबों को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये मिलने थे। आवेदन आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने पात्रता की जांच भी शुरू करा दी है। काफी आवेदन जांच के लिए ब्लॉकों को भेजे गए थ। इस बीच शासन ने अचानक तीनों विभागों के लिए जारी बजट को वापस ले लिया। बजट वापस लिए जाने से ही योजना के बंद होने के आसार जताए जाने लगे थे। कुछ दिन पहले शासन ने तीनों विभागों से ऑनलाइन पोर्टल को ही हटा लिया। पोर्टल को हटाकर योजना तकरीबन बंद कर दी।
योजना के बंद होने से बेटियों की शादी के लिए आवेदन करने वाले 1132 गरीबों को झटका लगा है। उनके सामने अपनी बेटियों का हाथ पीला करने के लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालांकि विभागीय अधिकारियों की ओर से ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बेटियों की शादी कराने के लिए आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन बजट के अभाव में उन्हें इंतजार करने को कहा जा रहा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता देवी ने बताया कि विभाग से ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल हट गया है। हालांकि अभी योजना को बंद करने संबंधी विभाग में कोई आदेश नहीं आया है लेकिन पोर्टल हटने से इसे बंद ही माना जा रहा है।