जौनपुर : यूपी चुनाव में भोजपुरी गानों ने बढ़ाई सियासत में गर्मी

जौनपुर : यूपी चुनाव में भोजपुरी गानों ने बढ़ाई सियासत में गर्मी

# “यूपी में सब बा” व यूपी में का बा” की मची होड़

# सोशल मीडिया से निकलकर राजनीति दलों के दफ्तरों तक पहुँची “यूपी में का बा”

केराकत।
विनोद कुमार
तहलका 24×7
               भोजपुरी सिनेमा अपने अंदाज को लेकर देश भर में लगातार सुर्खियों में बना रहता है देश में बड़ी से बड़ी घटना हो या फिर सरकार की नई घोषणा हो चंद घंटों बाद भोजपुरी अंदाज में गाना गाकर दर्शको का मनोरंजन करने में भोजपुरी इंडस्ट्रीज काफी सफल रहती हैं ऐसा ही एक भोजपुरी गाना “यूपी में का बा” पहले बिहार की राजनीति में छाया और अब उत्तर प्रदेश की सियासत में हल्ला बोल रहे है।

पक्ष विपक्ष अपने मुताबिक गानों को अपने पक्ष में भुनाने की काम कर रहे हैं अब नेहा सिंह राठौर की आवाज सोशल मीडिया ने निकलकर राजनीति दलों के दफ्तरों तक पहुँची गयी है। ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश सिंह यादव के प्रेस कॉन्फ्रेंस में “यूपी में का बा” कि धुन सुनाई दी जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।बता दे कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गयी है। सियासी पार्टियों में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है।ऐसे में यूपी चुनाव में भोजपुरी गानो के जरिये प्रदेश की सियासत को एक अलग ही मोड़ दिया जा रहा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने रवि किशन की उपस्थिति में “यूपी में सब बा” गाने को रिलीज किया। सोशल मीडिया पर इसका टीजर और पोस्टर पहले से छाया हुआ है इस गीत में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों के बारे में बताया गया है कि “जे कब्बो ना रहल उ अब बा, यूपी में सब बा” इस गाने के जवाब में भोजपुरी गायिका नेहा सिंह राठौर ने “यूपी में का बा”गाना गाकर प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहती हैं कि “मंत्री का बेटुवा बड़ी रंगदार बा, किसानन कै छाती पे रौंदत मोटर कार बा, अई चौकीदार, बोले के जिम्मेदार बा?” गाना रिलीज होते ही प्रदेश की राजनीति में घमासान मच गया। राजीनीतिक पार्टियां गाने को लेकर एक दूसरे पर पलटवार करने में जुट गई। यूपी चुनाव में भोजपुरी गानो की एंट्री प्रदेश में ही नही बल्कि देश के हर कोने कोने में छाया हुआ  है।

हर किसी की पहली पसंद बना हुआ है हर राजनैतिक पार्टियां अपने अपने तरीको से भोजपुरी गानो का सहारा लेकर मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल क्या यूपी चुनाव में राजनैतिक पार्टियां भोजपुरी गानो के सहारे जनता का दिल जीतकर सत्ता की चाभी हथियाने में कामियाब रहेंगी? भोजपुरी गानो की एंट्री यूपी के चुनाव में कितना असर डालेगा ये तो आने वाले 10 मार्च को मालूम हो जायेगा बहरहाल ये जनता है सब जानती है…
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