सुल्तानपुर : मां और बेटी की हत्या से नाराज परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इन्कार

सुल्तानपुर : मां और बेटी की हत्या से नाराज परिजनों ने किया अंतिम संस्कार से इन्कार

लंभुआ।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
                  स्टेशन रोड स्थित घर में मां और बेटी की हत्या से नाराज परिजनों ने बुधवार को अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। परिजनों की मांग है कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य को मौके पर बुलाया जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की मदद और शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। एसडीएम व सीओ पीड़ित परिजनों को समझाने-बुझाने में जुटे रहे।

लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में स्टेशन रोड पर रामसुख मौर्य का मकान है। वह कस्बे में ही सब्जी की दुकान करते हैं। मंगलवार शाम करीब पांच बचे उनकी पत्नी शकुंतला (50) और बेटी विजय लक्ष्मी (22) की घर में ही हत्या कर दी गई थी। हत्या के वक्त घर में उनके बेटे राजकुमार की तीन वर्षीय पुत्री ही मौजूद थी। डबल मर्डर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। डीआईजी अयोध्या अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एसपी सोमेन वर्मा भी मौके पर पहुंचे थे। हत्या का खुलासा करने के लिए स्वाट टीम के साथ ही पुलिस की कई टीमें भी गठित की गईं। बुधवार को मां-बेटी के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन घर पहुंचे और अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया।

परिजनों की मांग थी कि डिप्टी सीएम केशव मौर्य को मौके पर बुलाया जाए। इसके साथ ही हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए व पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की मदद दी जाए। एसडीएम लंभुआ महेंद्र कुमार श्रीवास्तव व सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल भी मौके पर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिया लेकिन देर शाम तक परिजन शवों का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े हैं।लंभुआ के स्टेशन रोड निवासी रामसुख मौर्य की शादी प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद निवासी राजेश मौर्य की बहन शकुंतला के साथ हुई थी। मंगलवार देर शाम पहुंचे राजेश मौर्य की तहरीर पर पुलिस ने बहन व भांजी की हत्या के आरोप में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।

बुधवार को डॉ. नौशाद ने शकुंतला और विजय लक्ष्मी के शव का पोस्टमार्टम किया। विजय लक्ष्मी की गला रेत कर हत्या होना पाया गया। वहीं, शकुंतला के सिर पर लोहे के रॉड अथवा अन्य किसी प्रहार की चोट पाई गई है। लंभुआ के स्टेशन रोड पर रहने वाले लोगों ने बुधवार को बताया कि रामसुख मौर्य की एक वर्ष के भीतर तीन बार किसी ने फसल में आग लगा दी थी। इससे रामसुख को काफी नुकसान हुआ था। स्थानीय लोगों ने एक युवक को पकड़ा भी था लेकिन रामसुख की पत्नी शकुंतला ने आरोपी युवक को छुड़ा दिया था। हालांकि थाने में कोई मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया था।रामसुख मौर्य के पिता बहाऊ रेलवे में नौकरी करते थे। सेवानिवृत्त होने पर उन्हें काफी पैसा मिला था। उस पैसे से ही पक्का मकान बना था। तीन वर्ष पूर्व बहाऊ की मौत हो गई।
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