आजमगढ़ : ढाई माह बाद भी नहीं मिला इंसाफ, बच्चों ने शुरू की भूख हड़ताल
आजमगढ़। फैज़ान अहमद तहलका 24×7 ढाई माह बीत जाने के बाद भी पुलिस अहरौला के पारा गांव निवासी मौर्य दंपती हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम केशव मौर्य भी मौके पर पहुंचे थे और परिजनों को सरकार से आर्थिक मदद दिलाने व आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। न तो आर्थिक मदद ही अब तक मिली और न ही हत्यारों की ही गिरफ्तारी हुई। इसके चलते बृहस्पतिवार से मृत दंपती के बच्चों ने परिजनों के साथ अंबेडकर पार्क में भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
अहरौला के पारा गांव निवासी इंद्रपाल मौर्य 14 जून को पत्नी शकुंतला को लेकर दवा दिलाने शाहगंज गए थे। इसके बाद से दंपती गायब हो गए। परिजनों ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 16 जून को दंपती की लाश फूलपुर कोतवाली के अंबारी बाजार स्थित एक विद्यालय के सामने सड़क किनारे पड़ी मिली। घटना के बाद डिप्टी सीएम केशव मौर्या भी पारा गांव पहुंचे और मृत दंपती के परिजनों से मिल कर शासन स्तर से मुआवजा दिलाने व हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि घटना के बाद से अहरौला थाने से दो-दो थानेदारों का स्थानांतरण तक हो चुका है। इसके बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका है। परेशान दंपती के तीन बच्चों ने बृहस्पतिवार से आंबेडकर पार्क स्थित प्रतिमा के पास भूख हड़ताल शुरू कर दी। मृत दंपत्ति के पुत्र शिवांश का आरोप है कि न तो अब तक मां-बाप के हत्यारोपियों को पुलिस पकड़ सकी है न ही डिप्टी सीएम द्वारा दिए गए आर्थिक मदद का आश्वासन ही पूरा किया गया है। जब तक हत्यारोपी नहीं पकड़ जाते व आर्थिक मदद नहीं मिलती वह अपने भाई-बहनों के साथ भूख हड़ताल पर बैठा रहेगा।