विद्यालय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंडल प्रशिक्षक जेसी गुलाम साबिर ने छात्र-छात्राओं को समानता के विषय पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुराने समय में बेटियों को बोझ समझा जाता रहा। उन्हें कमजोर समझ उपेक्षा की जाती रही है। लेकिन शिक्षा और जागरुकता बढ़ने पर जब बेटियों को मौका मिला तो उन्होंने साबित कर दिखाया कि बेटियाँ बेटों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, जरूरत है उन्हें सही मार्गदर्शन की। गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
