बलात्कारियों की सजा माफ करना देश के लिए खतरनाक संदेश- रूपरेखा वर्मा

बलात्कारियों की सजा माफ करना देश के लिए खतरनाक संदेश- रूपरेखा वर्मा

# रूपरेखा वर्मा से वरिष्ठ पत्रकार आनंद देव की विशेष बातचीत..

जौनपुर।
एख़लाक खान
तहलका 24×7

लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर रूपरेखा वर्मा ने कहा कि गुजरात में बिलकिस बानो के बलात्कारियों की सजा माफ कर उन्हें जेल से रिहा किया जाना देश के लिए खतरनाक संदेश है। वह सामाजिक संस्था भारतीय जन सेवा आश्रम की ओर से आयोजित दलित अत्याचारों के मामले में जनसुनवाई कार्यक्रम में हिस्सा लेने जौनपुर आई थी। जहां पर उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार आनंद देव से एक खास बातचीत में यह बातें कही।

बता दें कि गुजरात में बिलकिस बानो बलात्कार के दोषियों को जेल से रिहा किए जाने के बाद उन्हें फिर से जेल भेजने की मांग को लेकर देश के अलग अलग हिस्सों से जिन चार महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है उनमें रूपरेखा वर्मा प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि यह बात बेहद शर्मनाक है कि जब बिलकिस के बलात्कार के दोषियों को जेल से रिहा किया गया तो देश में तमाम इलाकों से शोर मचने के बाद भी हुकूमत चुप्पी साधे रही और हमारी याचिका पर सुनवाई के दौरान अब जाकर पता चला कि उन सभी 11 बलात्कारियों की सजा माफ करते हुए उन्हें जेल से रिहा किए जाने की सिफारिश गृह मंत्रालय ने की थी।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय का काम है कि देश के अंदर सुकून, अमन-चैन कायम करना, मेलजोल का वातावरण कायम रखना, लोगों की गरिमा की रक्षा करना, सबके हक और अधिकारों को सुरक्षित रखना है लेकिन गृह मंत्रालय जब बलात्कारियों की सजा माफ करें और उन्हें जेल से रिहा करवाने का काम करें तो यह सरकार के प्रति अविश्वास और समाज में भय का वातावरण पैदा करता है। इससे ज्यादा दुखद और शर्मनाक वक्त देश के लिए और कुछ नहीं हो सकता।

 

उन्होंने यह भी कहा कि बिलकिस बानो के बलात्कारियों की सजा माफ करने के बाद अब हत्या और बलात्कार के मामले में अदालत से सजायाफ्ता राम रहीम को भी पैरोल पर छोड़ा गया है। वह व्यक्ति जो हत्या और बलात्कार का दोषी है उस पर दोष सिद्ध हो चुका है अदालत में तो वही व्यक्ति बाहर बाकायदा प्रवचन दे रहा है और उसके प्रवचन में ज्यादातर बीजेपी के लीडर पहुंच रहे हैं। उसका चरण स्पर्श एंव उसकी वंदना की जा रही है। गुजरात में बिलकिस बानो के भी बलात्कारियों को जेल से रिहा किए जाने के बाद उनके चरण छुए गए, उन्हें तिलक लगाए गए, उनकी आरती उतारी गई, उन्हें माला पहनाया गया , उन्हें मिठाइयां खिलाई गई और इन सब की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल भी की गई।

यह सारे मामले इस बात के संकेत दे रहे हैं कि अब हत्यारे, बलात्कारी और गुंडे आजाद घूमेंगे और जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने का काम करेगा आवाज उठाने की कोशिश करेगा उसकी जगह जेल होगी। यह सब कुछ इसी देश में हो रहा है और यह देश इसे देख रहा है। यह बेहद खतरनाक दौर है, वक्त इतना दुखदाई है कि कितनों के बलिदानों के बाद हमें आजादी मिली थी लोकतांत्रिक देश बनाया लेकिन अब इसी लोकतंत्र में वह सब हो रहा है इसकी कभी किसी ने कल्पना भी नहीं की रही होगी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को अगर बचाना है तो जाति-धर्म और मजहब के नाम पर जो खेल खेला जा रहा है उससे सावधान रहने की जरूरत है। सभी को मिलकर एक साथ खड़ा होना होगा। इतिहास इस बात का गवाह है कि जब भी जाति-धर्म और मजहब से ऊपर उठकर हम सभी देशवासी एक साथ खड़े हुए हैं तब हमें विजय मिली है।

Previous articleसिद्धिविनायक ज्वेलर्स… 
Next articleवीरेंद्र सिंह “बंटी”
Tahalka24x7
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... ?