कर्ज में डूबा बीटेक छात्र बना साइबर अपराधी, लाखों रुपए ठगे, मुख्य आरोपी सहित सात गिरफ्तार
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
सरायख्वाजा पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया। सर्विलांस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक 10 हजार रुपये का इनामी अपराधी भी शामिल है।बुधवार को खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया कि गिरोह ने दो अलग-अलग मामलों में लोगों को ठगा।

पहला मामला 21 जून का है। कौशांबी के चरवा गांव निवासी सचिन कुमार मिश्र को फेसबुक पर ट्रैक्टर का विज्ञापन दिखाकर आदमपुर पुलिया के पास बुलाया गया। वहां उनसे एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाकर आरोपी फरार हो गए। दूसरा मामला 19 जुलाई का है, प्रयागराज के खीरी निवासी विनोद कुमार पांडेय को भैंस बेचने के बहाने सरायख्वाजा के पुंछा सिवान गांव ले जाया गया। आरोपियों ने तीन लाख रुपये की मांग की और विरोध करने पर मारपीट की।

पुलिस ने सरायख्वजा थाना क्षेत्र के कुत्तूपुर चौराहे के मंदिर से पांच आरोपियों को पकड़ा।बाद में सफेद अपाचे बाइक पर आए दो और आरोपी गिरफ्तार हुए।आरोपियों से 4,200 रुपये नकद, एक रियलमी मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई।जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना जितेंद्र यादव बी.टेक पास है। वह फेसबुक पर ट्रैक्टर और भैंस बेचने के फर्जी विज्ञापन देता था। गैंग के सदस्य पहले से सुनसान जगहों पर मौजूद रहते थे।

शिकार को वहां बुलाकर पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर करवाते थे। कुछ मामलों में मारपीट कर अतिरिक्त पैसों की मांग भी करते थे। पुलिस ने गिरोह के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। बीटेक पास इंजीनियर जितेन्द्र यादव ने पूछताछ में बताया कर्ज से परेशान होकर उसने साइबर अपराध करना शुरु किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में जितेंद्र कुमार यादव (30) पुत्र राम अजोर निवासी ग्राम धरौली जिला प्रतापगढ़, विद्यासागर प्रजापति पुत्र संतोष प्रजापति निवासी बरिया काजी सरायख्वजा, विवेक प्रजापति पुत्र शिव कुमार प्रजापति सरायख्वजा, अरविंद वर्मा पुत्र कृपा शंकर वर्मा निवासी आदमपुर सरायख्वजा, आलोक कुमार यादव पुत्र जीत बहादुर यादव निवासी आदमपुर सरायख्वजा, धनंजय यादव पुत्र स्व. संग्राम यादव निवासी चुरावनपुर थाना बक्शा, राहुल यादव पुत्र राम बली निवासी सरौली थाना तेजीबजार शामिल हैं।
















