जौनपुर : महज छह महीने में सरकार की हुई 3 करोड़ की आमदनी, बढ़ा राजस्व खजाना
# 5000 के स्टांप व एक फीसदी शुल्क पर दानपत्र के जरिए हुई 3118 रजिस्ट्री
जौनपुर।
रविशंकर वर्मा
तहलका 24×7
दानपत्र योजना से छह महीने के भीतर तीन हजार लोग भूमि के मालिक बन गए। इससे सरकार के खजाने में तीन करोड़ रुपये की आय हुई है। इसके लिए 18 जून से 17 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। इस योजना के तहत महज पांच हजार रुपये का स्टांप व एक प्रतिशत निबंधन शुल्क के साथ परिवार के सदस्यों के नाम जमीन की रजिस्ट्री करने की योजना थी। अब जिनके नाम जमीन हो गई उन्हें सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

भूमि विवाद को दूर करने व नए लोगों को आसानी से भूमि का मालिक बनाने के लिए सरकार ने जून के महीने में दानपत्र योजना शुरू की थी। उसके बाद 17 दिसंबर तक इस योजना के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों को स्टांप शुल्क में छूट दी गई। निबंधन कार्यालय से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो तीन हजार 118 रजिस्ट्री हुई। इससे दो करोड़ 92 लाख 98 हजार 973 रुपये सरकार के खजाने में जमा हुआ। वहीं दानपत्र योजना के तहत 50 करोड़ 84 लाख 25 हजार 973 स्टांप की छूट दी गई। आमतौर पर भूमि के रजिस्ट्री में शहरी क्षेत्र में सात फीसदी व ग्रामीण क्षेत्रों में पांच फीसदी भूमि के सर्किल रेट के अनुसार स्टांप शुल्क लगता है। वहीं एक फीसदी निबंधन शुल्क भी लगता है। जिसमें लोगों की मोटी रकम खर्च होती है। कई बार घर में विवाद होने के बावजूद रजिस्ट्री कराने भर का पैसा न होने के कारण लोग जमीन की रजिस्ट्री नहीं करा पाते।

दानपत्र योजना से पारिवारिक सदस्यों में पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, भाई, बहन, पुत्र व पुत्री के बेटे-बेटी के नाम रजिस्ट्री कराने में छूट मिली।इस संदर्भ में सहायक महानिरीक्षक निबंधन डॉ राजकरन ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी दानपत्र योजना में 3118 लोगों ने लाभ लिया हैं। सरकार की मंशा है कि इससे भूमि के विवाद कम हों। इससे करीब 2.92 करोड़ की राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह योजना 18 जून से 17 दिसंबर तक चलाई गई।

















