पुरानी पेंशन बहाली के लिए गरजे शिक्षक, किया जोरदार धरना-प्रदर्शन
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
पुरानी पेंशन बहाली सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षकों ने हुंकार भरा। शिक्षकों की गर्जना से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गुंजायमान हो गया। एक दिवसीय विशाल धरना देकर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। शिक्षकों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
संगठन के आह्वान पर धरने में माध्यमिक शिक्षक संघ (सेवारत) व कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन दिया।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में दिन में दस बजे से ही जनपद के विभिन्न तहसीलों व ब्लाक के पदाधिकारियों के साथ शिक्षकों की भीड़ कलेक्ट्रेट परिसर में धरना स्थल पर एकत्रित होने लगी। एक घण्टे बाद ही धरना स्थल शिक्षको की भीड़ से खचाखच भर गया। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्यद्वार से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक शिक्षक ही दिखाई दे रहे थे। हजारों की संख्या में हाथ में तख्ती बैनर लेकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर शिक्षको ने कलेक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए चक्रमण किया तो सभी की निगाहें उन पर ही थी। पूरा कलेक्ट्रेट परिसर शिक्षकों के पुरानी पेंशन बहाली के नारों से गूंज उठा। चारों तरफ सिर्फ शिक्षक कर्मचारी एकता जिंदाबाद व पुरानी पेंशन बहाल करो के नारों पूरे दिन गूंजता रहा।

धरने को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों व कर्मचारियों का सतत संघर्ष चलता रहेगा। इसके लिए हमें एकजुट होकर लड़ाई लड़नी होगी। कहा कि एक ही देश में दो तरह का कानून नहीं चलेगा। एक तरफ सांसद- विधायक पेंशन व पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहे है तो दूसरी तरफ 60 और 62 वर्ष तक पूरा जीवन देश व समाज को देने के बाद शिक्षक व कर्मचारी सेवानिवृत्त होने पर पुरानी पेंशन को नहीं प्राप्त करेगा। साथ ही अमित सिंह ने कहा कि वर्षों से परिषद के शिक्षकों का पदोन्नति रुका हुआ जो कि हमारा अधिकार है जिसके लिए हम आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। विगत काफी समय से शिक्षकों स्थानांतरण रुका हुआ है, तमाम शिक्षकों को पचास से सत्तर किलोमीटर दूर जा कर अपनी सेवा देनी पड़ती है जबकि उनके आवास के पास कई विद्यालयों पर पद खाली हैं इसलिए हम सभी का इस आंदोलन के माध्यम से मांग है कि तत्काल अंतर्जनपदीय एंव जनपद के अंदर स्थानांतरण शुरू किया जाय। शिक्षा मित्र तथा अनुदेशक साथियों को उचित एंव सम्माजनक तरीके से समायोजित किया जाय।




















