युवक का शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम
# संदिग्ध अवस्था में युवक ने लखनऊ में गुरुवार को की थी खुदकुशी
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
विगत शुक्रवार को लखनऊ के गोमतीनगर के खरगा इलाके में संदिग्ध अवस्था में फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाले क्षेत्र के मुस्तफाबाद निवासी युवक का शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात गांव लाया गया। शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उसी रात अमिलिया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।उक्त गांव निवासी वीरेंद्र कुमार यादव (30) पुत्र स्व.कमलेश यादव विगत कई सालों से लखनऊ स्थित खरगापुर इलाके में किराए के कमरे में रहता था।

जिसने शुक्रवार को संदिग्ध अवस्था में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक अपने माता-पिता के तीन संतानों में अपने परिवार का इकलौता बेटा था। माता पिता की भी मौत हो चुकी है। उसके अलावा दो बहनें थी, जिसमें बड़ी बहन मनीषा की शादी हो चुकी है, वहीं दूसरी बहन निशा के हाथ पीले करने थे। सालभर पहले हुई पिता की मौत के बाद से छोटी बहन भी मृतक के साथ ही रह रही थी, जबकि मां सात आठ साल पहले ही स्वर्ग सिधार चुकी थीं।

चर्चाओं की मानें तो मृतक अपने आप को कस्टम अधिकारी बताकर लगभग तीन सालों से एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। इस दौरान लोगों से लेन देन की भी चर्चा सुर्खियों में है। बहरहाल खुदकुशी करने के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका और न ही इस बाबत कहीं से कोई कानूनी कार्रवाई प्रकाश में आई है, फिर भी मामले को लेकर लोगों के बीच तमाम तरह की चर्चा जोरों पर हैं। परिवार का अंतिम चिराग बुझने पर लोगों को बहन निशा के हाथ पीले करने की चिंता सता रही थी।
















