50 हजार के लोन की चाहत पड़ी भारी: ITBP जवान के नाम फर्जी कंपनी बनाकर 64 करोड़ का GST नोटिस,करोड़ों का साइबर खेल उजागर
पिथौरागढ़।
तहलका 24×7
साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।एक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवान के नाम पर कथित तौर पर फर्जी कंपनी बनाकर कागजों में 100 से 500 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया गया,जिसके बाद जवान के नाम 64 करोड़ रुपये का जीएसटी रिकवरी नोटिस जारी हो गया।मामले की जांच साइबर सेल कर रही है।

साइबर सेल के इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी ने जागरुकता के उद्देश्य से इस मामले की जानकारी साझा की।उनके अनुसार,करीब दो वर्ष पहले जवान ने 50 हजार रुपये के लोन के लिए एक इंस्टेंट लोन ऐप पर आवेदन किया था।आवेदन के दौरान उसने आधार कार्ड,पैन कार्ड और बिजली बिल जैसे दस्तावेज अपलोड किए थे।बाद में लोन आवेदन खारिज हो गया और जवान ने मामला वहीं छोड़ दिया।जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर जवान के नाम पर फर्जी फर्म का पंजीकरण करा लिया।

इसके बाद कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 से 500 करोड़ रुपये तक दर्शाकर फर्जी जीएसटी बिल जारी किए गए। इन्हीं लेनदेन के आधार पर जवान के नाम 64 करोड़ रुपये की कर देनदारी दर्ज हो गई।करीब दो माह पहले जवान के परिवार को जीएसटी विभाग से रिकवरी नोटिस मिला।मामला सामने आने पर जवान की पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे के निर्देश पर साइबर सेल ने जांच शुरु की, जिसमें दस्तावेजों के दुरुपयोग और फर्जी जीएसटी पंजीकरण की पुष्टि हुई।

फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।इंस्पेक्टर नीरज भाकुनी ने लोगों से अपील की कि किसी भी लोन ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जरुर जांचें।आधिकारिक बैंक या वित्तीय संस्थान के ऐप का ही उपयोग करें और अपने आधार,पैन जैसे दस्तावेज किसी भी संदिग्ध ऐप या वेबसाइट पर साझा न करें।यदि बैंक खाते या दस्तावेजों से जुड़ा कोई साइबर फ्रॉड हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को भी तत्काल सूचना दें,ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान कम किया जा सके।
















