गेल यार्ड अग्निकांड: 10 करोड़ से अधिक नुकसान की आशंका,दूसरे दिन भी दहशत में रहे उद्यमी
पिंडरा,वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
करखियांव स्थित गेल (GAIL) के यार्ड में लगी भीषण आग की घटना के दूसरे दिन भी एग्रो पार्क के उद्यमियों और आसपास के लोगों में भय और चिंता का माहौल बना रहा।घटना को लेकर पूरे औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का विषय यही रहा कि यदि आग गैस पाइपलाइन अथवा सीएनजी सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो नुकसान कहीं अधिक भयावह हो सकता था।

रविवार को गेल के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे,लेकिन आग लगने के कारणों पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए।इस बीच क्षेत्र में घटना को लेकर चर्चाएं भी होती रहीं।कुछ लोगों ने इसे लापरवाही का परिणाम बताया, तो कुछ अन्य इसे किसी बड़े घोटाले से जोड़कर चर्चा करते दिखे।बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अत्यधिक ज्वलनशील प्लास्टिक पाइपों को एग्रो पार्क परिसर और सीएनजी स्टेशन के निकट खुले में रखने से खतरा बढ़ा।

लाइनमैन श्यामलाल के अनुसार,यदि स्थानीय उद्यमियों ने समय रहते सहयोग नहीं किया होता तो आग सीएनजी पंप और पूरे औद्योगिक परिसर को अपनी चपेट में ले सकती थी,जिससे भारी तबाही मच सकती थी।आग की चपेट में आने से सीएनजी पंप को प्रेशर सप्लाई देने वाली एयर कंप्रेसर मशीन भी जल गई। इसके चलते पूरे दिन सीएनजी पंप बंद रहा।कर्मचारियों ने बताया कि मशीन की मरम्मत में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।

सूत्रों के मुताबिक अग्निकांड में 10 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।आग से बिजली विभाग को भी नुकसान उठाना पड़ा। विभागीय कर्मचारियों के अनुसार चार बिजली के पोल जलकर गिर गए,जबकि गेल परिसर का एक ट्रांसफार्मर भी आग की चपेट में आ गया।एसडीओ गुलाब चंद ने बताया कि बिजली विभाग को खंभों और अन्य उपकरणों के नुकसान से लगभग एक लाख रुपये की क्षति हुई है।जले हुए खंभों को हटाकर विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य जारी रहा।

घटना के दौरान एग्रो पार्क के उद्यमियों की भूमिका की भी व्यापक चर्चा रही।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अग्निशमन विभाग की गाड़ियों का पानी समाप्त होने के बाद कई फैक्ट्रियों ने अपने हाइड्रेंट सिस्टम से पानी उपलब्ध कराया।विशेष रुप से बीडी वेंचर द्वारा अपने हाइड्रेंट की पूरी क्षमता से जलापूर्ति कर आग को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

एग्रो पार्क अध्यक्ष मनोज मद्धेशिया ने कहा कि घटना न केवल गेल बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए चेतावनी है।भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।भीषण आग की लपटों और धुएं का असर आसपास की इमारतों पर भी दिखाई दिया।कई भवनों की दीवारों पर काले धब्बे और धुएं के निशान स्पष्ट रुप से देखे गए।घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में अब भी भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है।


















