जौनपुर : मीटर रीडर की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहें हैं उपभोक्ता

जौनपुर : मीटर रीडर की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहें हैं उपभोक्ता

# मीटर और बिल में आ रहा है बड़ा अंतर, उपभोक्ता हो रहे हैं हलकान

जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
                    बिजली निगम इन दिनों बकाया वसूली पर जोर दे रहा है। इसके लिए उपभोक्ताओं को बिजली के बिकाये का बिल भेजा जा रहा है। लेकिन इन बिलों में गड़बड़ी भी आ रही है। बल्ब और पंखा चलने पर बिजली बिल लाखों में आ रहा है। इसे लेकर बहुत से उपभोक्ता परेशान है। उनका कहना है कि मीटर में कुछ और बिल में कुछ है। इस अंतर के कारण वह परेशान हैं। इसे दुरुस्त कराने की मांग को लेकर उपभोक्ता बिजली निगम कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं ने बिलों की गड़बड़ी को दुरुस्त करने की मांग की है। कुछ उपभोक्ता ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि लाइट कनेक्शन के लाखों रुपये के फर्जी बिल सुधरवाने के लिए बिजली निगम के कार्यालयों का उन्हें चक्कर लगाना पड़ रहा है, फिर भी अभी तक सुधर नहीं सका है।
सिकरारा क्षेत्र में शेरवा गांव निवासी अनिल कन्नौजिया ने बताया है कि उनके पिता राम दुलार ने घर पर बिजली का कनेक्शन लिया था। पहले सामान्य बिल पावर हाउस से आता था जो जमा कर दिया जाता था। दो साल पहले मीटर लगा। कई महीने तक बिल नहीं मिला और न ही मीटर रीडर ही आते थे। शिकायत करने पर बिल मिला तो होश उड़ गए। केवल तीन बल्ब व दो पंखा चलाने का बिल पौने तीन लाख रुपये आ गया। वे परेशान होकर सिकरारा जेई, बदलापुर एसडीओ तथा अधिशासी अभियंता को प्रार्थना पत्र देकर सुधार की मांग की तो आश्वासन मिला कि मीटर जंप कर गया होगा सुधार हो जाएगा। काफी दौड़ धूप करने और जन समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी की चौपाल में आवेदन करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ। बीच में वे पावर हाउस पर जाकर 8265 रुपये जमा किए हैं। एसएसए रजनीश कुमार ने बताया कि नए मीटर से बिल देखकर पुराने मीटर का बिल एडजस्ट किया जाएगा।
सिकरारा क्षेत्र के ही बंसफा गांव के राम खेलावन उर्फ बाबा गौतम का कहना है कि मैंने बिजली बिल कनेक्शन नहीं लिया है, लेकिन, उनके पास एक लाख से अधिक का बिल पहुंचा। वे काफी परेशान हुए। इनका कहना है कि जब तक उनका बिल समाप्त नहीं होगा वह कनेक्शन नहीं लेंगे। इस संबंध में विद्युत उपकेंद्र सिकरारा के अवर अभियंता संजय कुमार का कहना है कि बिना आवेदन के बिल जाना यह एक असंभव सी प्रक्रिया है। लेकिन, यह संभव है कि उपभोक्ता से बजाज वालों ने उससे कभी आईडी मांग होगा और कनेक्शन अलाट कर दिया होगा। फिलहाल, इसकी जांच कराकर जो सही होगा उसे किया जाएगा।
केराकत ब्लाक के ग्राम सभा नुवाव के गोपीपुर पुरवा निवासी नीरज शुक्ला ने बताया कि बिना मीटर रीडिंग के मनमाना बिल बिजली विभाग से आ जाता है। कुछ दिन पूर्व बिजली विभाग से 45 हजार रुपये बिल आया था। आपत्ति करने के बाद मीटर रीडिंग किया गया तो मात्र 9 हजार जमा करवाया गया। विभाग की ओर से कहा गया कि अब मीटर सही चलेगा, लेकिन फिर वही स्थिति बनी हुई है, बिना मीटर जांच के हर महीने कभी 900 कभी 300 तो कभी 200 मनमाने बिल का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज आ जाता है, जब बिल भरना होता है तो ह़फ्तों विभाग के कार्यालय का चक्कर काटकर बिल कम करवाकर मीटर की जांच करवाकर बिल भरना पड़ता है।
डोभी क्षेत्र के हरदासीपुर गांव निवासी रामेश्वर सिंह ने बताया कि विद्युत मीटर हर घर जो कनेक्शन लिए हैं। इसके लिए कभी भी कोई विद्युत कर्मचारी मीटर रीडिंग के लिए नहीं आते हैं। मनमाने तौर पर बिल को रिकॉर्ड कर लिया जाता है। जब उपभोक्ता बिजली का बिल पावर हाउस पर जमा करने जाते हैं, उनको रिकॉर्ड के अनुसार बता दिया जाता है कि आपका 700 है, 500 या 1200 रुपये है। जबकि उपभोक्ता कहते हैं कि हम केवल लाइट जलाते हैं हमारे पास सबमर्सिबल या अन्य कोई बिजली का उपयोग नहीं है।
इस संदर्भ में उप महाप्रबंधक विद्युत विवेक खन्ना ने बताया कि कभी-कभी रिडिंग की गड़बड़ी से बिजली बिल ज्यादा आ जाते हैं। इसके लिए उपभोक्ता नजदीकी संबंधित कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं, जिसका सुधार तत्काल समाधान किया जाएगा। जो दूर-दराज के उपभोक्ता हैं, वह बिजली विभाग कार्यालय शिकायत के लिए नहीं पहुंच पा रहें तो वह दो मिनट का वीडियो बनाकर भेज दें। जिसका सुधार कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं की जो भी समस्याएं हैं, उसे शीघ्र दूर किया जाएगा।
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