जौनपुर : प्राथमिक विद्यालय का निष्प्रयोज्य भवन कभी भी बन सकता है भयावह घटना का सबब
सिंगरामऊ।
दीपक श्रीवास्तव
तहलका 24×7
क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय बछुआर व प्राथमिक विद्यालय गोनौली का भवन जर्जर हो गया है। यह कभी भी भयावह हादसे का कारण बन सकता है। प्रशासन का कई बार ध्यान आकृष्ट कराया गया, इसके बाद अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।प्राथमिक विद्यालय बछुआर का भवन का निर्माण 1942 में हुआ। इसमें गांव के ही नहीं बल्कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी पढ़ने आते थे। धीरे-धीरे भौतिक संसाधन बढ़े और गांव-गांव स्कूलों का निर्माण हुआ, इससे विद्यालय से छात्रों की संख्या घट गई।

वहीं देख-रेख के अभाव में विद्यालय का यह भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है, जो कभी भी हादसे का सबब बन सकता है। वैसे तो बच्चों को बैठने के लिए नए भवन का निर्माण करीब दो दशक पूर्व हो चुका है और बच्चे उस नए भवन में शिक्षा भी ग्रहण कर रहे हैं। इसके बावजूद अभिभावक इस वजह से दहशतजदा हैं कि अधिकांश बच्चे भोजनावकाश के समय इसी जर्जर भवन में खेलने भी जाते है और कहीं खेलते समय ही यह इमारत ढह गई तो बच्चों को हादसे का शिकार बनना पड़ेगा। इससे बच्चों के अध्ययन में दिक्कत हो रही है। निष्प्रयोज्य घोषित भवनों को ढहाने के लिए विभाग सुध नहीं ले रहा है। इससे समस्या और ज्यादा गंभीर और खतरनाक हो गई है।

अधिकारियों को जानकारी प्राथमिक विद्यालय बछुआर के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद यादव व प्राथमिक विद्यालय गोनौली के प्रधानाध्यापक राजेश यादव ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को जर्जर भवन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा चुकी है। स्कूल में पुराना भवन भी पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में परिवर्तित हो चुका है। जर्जर भवनों को तुरंत गिराएं बच्चों के हित में जर्जर भवन को गिरा देना चाहिए। इसमें संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि समय रहते जिम्मेदार लोगों ने जर्जर भवन नही हटवाया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कोशिश रहती है कि बच्चे पुरानी बिल्डिंग की तरफ न जाए।

















