जौनपुर : शिक्षक समाज का दर्पण होता है- डॉ लक्ष्मी सिंह
जौनपुर।
विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
तहलका 24×7
लायंस क्लब गोमती जौनपुर द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर सोमवार देर शाम एक होटल के सभागार में 32वां शिक्षक दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष देवेश गुप्ता के नेतृत्व में उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा सर्वपल्ली जी के चित्र पर माल्यार्पण कर व ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

इसी क्रम में सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर व क्लब की प्रथम महिला निधि गुप्ता के द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया। डॉ रश्मि मौर्य द्वारा ध्वजवंदना व राष्ट्र गान प्रस्तुत किया। साथ ही साथ शान्वी मौर्या ने गुरु वंदना पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। सभा की अध्यक्षता कर रहे हैं क्लब अध्यक्ष देवेश गुप्ता ने आए हुए अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि यह क्लब की बड़ी पुनीत परंपरा है कि प्रत्येक वर्ष क्लब के द्वारा समाज को दिशा दशा दिखाने वाले हैं हम अपने गुरुजनों का आज दिन विशेष पर सम्मान व अभिनंदन करते हैं। कार्यक्रम में आगे संयोजक दीपक चिटकारिया ने श्रद्धेय सर्वपल्ली जी के जीवन पर प्रकाश डाला और उनके आदर्शों पर चलने की बात की। तत्पश्चात सम्मानित होने वाले सभी शिक्षक गण का जीवन परिचय व शिक्षा जगत में उनके योगदान को सदन में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह व विशिष्ट अतिथि डा. क्षितिज शर्मा द्वारा सम्मानित होने वाले शिक्षक गण राकेश सिंह, अजय सिंह, डॉ. सरला, डॉ. निरुपमा गुप्ता, किरण श्रीवास्तव, प्रतिमा गुप्ता, डॉ. तस्नीम फातमा, अर्चना गौड़, चेतना साहनी, नूपुर सिंह एवं प्रज्ञा जी को रीजन चेयरपर्सन अशोक मौर्य व जोन चेयरपर्सन प्रतिमा गुप्ता के उपस्थिति में सभी शिक्षक गणों को माल्यार्पण कर व अंगवस्त्रम एवं प्रशस्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया। उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डा. लक्ष्मी सिंह जी ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है जो अपने ज्ञान व विज्ञान से नौनिहालों को सींचता है जो समय-समय पर शिक्षक द्वारा बताए गए रास्ते पर चलकर राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि डा. क्षितिज शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने जीवन में उन प्रत्येक शिक्षकों को याद रखना चाहिए जिन्होंने हमारे जीवन को अपने शिक्षा व ज्ञान के भंडार से बदल दिया।

















