बलिया : परिवार न्यायालय में पेश हुए भोजपुरी कलाकार पवन सिंह 

बलिया : परिवार न्यायालय में पेश हुए भोजपुरी कलाकार पवन सिंह 

# भोजपुरी कलाकार पवन सिंह के बाउंसरों ने की धक्का-मुक्की, अधिवक्ताओं में आक्रोश 

बलिया।
आर एस वर्मा 
तहलका 24×7 
             अपनी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह से तलाक के मामले में भोजपुरी लोक गायक व फिल्म अभिनेता पवन सिंह शनिवार को बलिया के परिवार न्यायालय में पेश हुए। इस दौरान कोर्ट परिसर में उनके निजी सुरक्षाकर्मियों (बाउंसरों) ने कुछ देर के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर दी। जिससे अदालत परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल रहा। अदालती कार्यवाही पूरा होने के बाद कोतवाली पुलिस ने अपनी निगरानी में पवन सिंह को सुरक्षित बाहर निकला। इस दौरान उनके समर्थक धक्का-मुक्की करते नजर आए। कोर्ट रूम से निकलने के बाद पवन का काफिला गड़हा मंच, भरौली के लिए रवाना हो गया।
पवन सिंह की दूसरी पत्नी ज्योति सिंह ने भरण-पोषण के लिए परिवार न्यायालय में वाद दाखिल किया है। इसमें उन्होंने भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह पांच लाख रुपये दिलाने की गुहार न्यायालय से की है। इसी मामले में अदालत ने पवन सिंह को अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था।
भोजपुरी स्टार पवन सिंह बलिया कोतवाली में छह माह पहले पत्नी ज्योति सिंह द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में शनिवार को परिवार न्यायालय में पेश हुए। पवन सिंह की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में भड़ी जुटी थी। पवन सिंह जब कोर्ट परिसर से निकल रहे थे निजी बाउंसरों से खूब धक्का-मुक्की हुई। पवन सिंह के बाउंसरों की हरकतों से अधिवक्ताओं में आक्रोश रहा। उनका कहना था कि पवन के बाउंसर कोर्ट के अंदर दाखिल हो गए थे, यह नियम के खिलाफ है। बाहर जाने की बात कहने पर वो दंबगई करने लगे।
छह मार्च 2018 को भोजपुरी के स्टार कलाकार पवन सिंह शहर के मिड्ढ़ी निवासी रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से परिणय सूत्र में बंधे थे। दोनों के बीच के रिश्तों की दरार तब बाहर आई जब पवन ने बिहार के आरा जिला में पारिवारिक न्यायालय में ज्योति से तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद ज्योति ने 22 अप्रैल 2022 को परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की अर्जी दाखिल कर दी। ज्योति के अधिवक्ता पीयूष सिंह के अनुसार 22 अप्रैल को अर्जी दाखिल होने के बाद कोर्ट ने दो जून को पवन सिंह को प्रस्तुत होने के लिये नोटिस जारी किया था। वो निर्धारित तिथि पर नहीं कोर्ट में नहीं आए। इसके बाद सात जुलाई तथा एक अगस्त को नोटिस जारी हुआ, फिर भी वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके थे।
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