सुल्तानपुर : कवि जटायु की रचनाएं हैं लोक चेतना से भरी हुई- अंजनी कुमार सिंह
# साहित्य दिवस के रूप में मनाया गया मथुरा प्रसाद सिंह जटायु का जन्मदिन
कादीपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
‘कवि जटायु का ज्वाला महाकाव्य हिन्दी साहित्य की अमूल्य निधि है। जटायु की रचनाएं लोक चेतना से भरी हुई हैं। वे जयशंकर प्रसाद और मैथिली शरण गुप्त की परम्परा के महाकवि हैं।’ यह बातें चर्चित स्तम्भकार अंजनी कुमार सिंह ने कहीं। वे कविराज मथुरा प्रसाद सिंह जटायु के इकहत्तरवें जन्मदिन पर आयोजित साहित्य दिवस समारोह को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे।

कौण्डिन्य साहित्य सेवा समिति व सरप्राइज़ शिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले बाइस विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ‘कविराज मथुरा प्रसाद सिंह जटायु का सारस्वत प्रदेय’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को बतौर विशिष्ट अतिथि सम्बोधित करते हुए राजकीय महाविद्यालय ढ़िडुई के प्राचार्य प्रोफेसर सिकंदर लाल ने कहा कि जटायु साहित्य को जीने वाले कवि हैं। पूरा क्षेत्र उनकी सहजता और सरलता का कायल है। समाजसेवी चिकित्सक डॉ डी.एस.मिश्र ने कहा कि कई विशिष्ट कृतियों के रचयिता आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु के जन्मदिन को साहित्य दिवस के रूप में मनाना कादीपुर क्षेत्र की अभिनंदनीय परम्परा है। कथाकार दिनेश प्रताप सिंह चित्रेश ने कहा कि जटायु के सम्पर्क ने कई लोगों को साहित्यकार बना दिया है। उनकी रचनायें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

अध्यक्षता कर रहे लोकभूषण डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप ने कहा कि साहित्य, समाज और शिक्षा तीनों क्षेत्र में मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने अमिट छाप छोड़ी है। समारोह में स्वागत भाषण राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि, आभार ज्ञापन युवा साहित्यकार पवन कुमार सिंह व संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु ने किया। सरस्वती पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुते समारोह में उपस्थित अतिथियों ने तिलक और माल्यार्पण कर मथुरा प्रसाद सिंह जटायु को जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर आयोजक अंकित कृष्ण पांडेय, अखंड सिंह, हरीश मिश्र, डॉ राम प्यारे प्रजापति, रमाशंकर मिश्र, सुभाष चन्द्र यादव परदेसी सहित अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।



















