सुल्तानपुर। ज़ेया अनवर तहलका 24×7 जिले में 56,278 गरीबों के पास मुकम्मल छत नहीं है। कोई झोपड़ी में रह रहा है तो कोई परिवार समेत टिन शेड व जर्जर कच्चे मकान में दिन गुजार रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे लोग प्रधानमंत्री आवास की राह देख रहे हैं।
विकास विभाग की ओर बनाई गई स्थाई पात्रता सूची में इनका नाम शामिल है। इसके चलते लोगों को सरकार से प्रधानमंत्री आवास मिलने की उम्मीद है। हालांकि पात्रता की क्रमवार बनी सूची में नंबर आने व लक्ष्य का झंझट है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य ही नहीं मिल सका है। वित्तीय वर्ष के पांच माह बीतने के बाद भी शासन की ओर से प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य जिले को आवंटित नहीं हुआ है। ऐसे में अधिकारियों के हाथ बंधे हैं। वे पात्रों को आवास नहीं दे पा रहे हैं। उधर गरीबों के सामने इंतजार के अलावा कोई रास्ता नहीं है। है।
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक कृष्ण करुणाकर पांडेय के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य अभी तक शासन से नहीं मिला है। लक्ष्य मिलने के बाद पात्रों को क्रमवार आवास आवंटित किया जाएगा। आवंटन के पहले एक बार फिर पात्रता की जांच कराई जाएगी। इसके बाद धनराशि जारी होगी। विकास विभाग के मुताबिक जिले में वर्ष 2016 से अब तक 90,279 प्रधानमंत्री आवास गरीबों को दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी जनपद संतृप्त नहीं हो सका है। मौजूदा सूची के मुताबिक अभी तक 56,278 पात्रों को आवास दिया जाना है।