14 गौसेवकों की उम्रकैद माफ करने की मांग,राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
राष्ट्रवीर सेना के पदाधिकारियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार सदर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।संगठन ने मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में 14 गौसेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर क्षमादान दिए जाने की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया कि 13 जून 2026 को सिवनी मालवा की अदालत ने नजीर अहमद प्रकरण में दीपक केवट,अजय राठौर, कन्हैया,गौरव सहित 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

फैसले को लेकर गौसेवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों में चिंता व्याप्त है।राष्ट्रवीर सेना के अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गौसंरक्षण सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है।इस प्रकार के निर्णय से गौ रक्षा कार्यों में जुटे लोगों का मनोबल प्रभावित हो सकता है तथा भविष्य में गौ हत्या रोकने के प्रयासों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

संगठन ने राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद-72 के तहत प्रदत्त क्षमादान की शक्ति का उपयोग कर दोषियों को राहत देने की मांग की।प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव के बावजूद कठोर सजा सुनाई गई है।ज्ञापन सौंपने वालों में उपाध्यक्ष आलोक सेठ,मंत्री नीरज सेठ,मंगल सेठ,सियाराम गुप्ता, दीपक सेठ,सुरेंद्र,चंदन सोनी,अधिवक्ता उग्रसेन यादव, प्रीतम वर्मा आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।


















