कोचिंग संस्थानों की जांच में मिलीं गंभीर खामियां
जौनपुर।
गुलाम साबिर
तहलका 24×7
राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन ने शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरु कर दी है।मंगलवार को हुई औचक जांच में कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।अपर जिलाधिकारी परमानंद झा और मुख्य अग्निशमन अधिकारी राज प्रकाश राय के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के आठ कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान अधिकांश संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की कमी,बिजली के अव्यवस्थित तार तथा आपातकालीन निकास द्वार के अभाव जैसी गंभीर खामियां मिलीं।निरीक्षण में एक भवन की स्थिति सबसे चिंताजनक पाई गई।भवन के निचले दो तल पर कपड़ों की दुकानें संचालित हो रही हैं,जबकि तीसरे तल पर कोचिंग संस्थान चल रहा है।भवन की सीढ़ियां अत्यंत संकरी होने के कारण किसी भी आपात स्थिति में छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है।

अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग संस्थान भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक भवनों में संचालित हो रहे हैं,जहां अग्निशमन विभाग के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। जांच के बाद प्रशासन ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।लखनऊ अग्निकांड के बाद हुई इस कार्रवाई ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर कोचिंग संस्थान कितने संवेदनशील हैं।प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो जौनपुर में भी किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

















