ग्रामीणों के कब्जे में रहा विद्युत उप केन्द्र, आपूर्ति रही बाधित
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
सोमवार दोपहर हाई टेंशन तार गिरने से हुई भैंस की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को बूढ़ूपुर स्थित पावर हाउस को अपने कब्जे में ले लिया। दर्जनों की संख्या में पहुंची महिलाएं और पुरूषों ने तारों के नीचे जाली और मृत भैंस के मुआवजे की मांग के अलावा उच्चाधिकारियों के पहुंचने तक अड़े रहे। इस दौरान लगभग दर्जनों गांव जहां अंधेरे में रहा।बता दें कि सोमवार लगभग ढाई बजे बूढ़ूपुर विद्युत उपकेंद्र के बड़ागांव फीडर को जाने वाली हाई टेंशन तार शार्ट सर्किट के चलते कटकर गिर गया।

जिसमें गांव निवासी राम लवट विंद की भैंस की करेंट से मौत हो गई। फिर क्या था ग्रामीणों का विभाग के प्रति आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोश के पीछे तार खींचने के दौरान ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन उप जिलाधिकारी शाहगंज और बिजली विभाग द्वारा तार के नीचे जाली लगाने के वादे से मुकर जाना मुख्य कारण बना। दर्जनों की संख्या में आक्रोशित महिलाएं और पुरुष उक्त मांग पर अडिग रहकर तार को जुड़ने नहीं दिया।आपूर्ति बहाली के लिए मौके पर पहुंचे विभाग के अधिकारियों के पसीने छूट गए।

बहरहाल दूसरे दिन मंगलवार सुबह से ही आक्रोशित ग्रामीण प्रधान प्रतिनिधि आनंद कुमार विंद और मुरली विंद के नेतृत्व में अपनी मांग पर अडिग रहकर उपकेन्द्र पर अपना कब्जा जमाए रखे। मौके पर पहुंचे एसडीओ धर्मेन्द्र गुप्ता द्वारा दस दिन में आबादी के बीच जाली लगवाने और तत्काल ट्रिपिंग मशीन सही कराने के आश्वासन पर घंटों बाद उपकेन्द्र ग्रामीणों के चंगुल से कब्जामुक्त हो पाया। उनके द्वारा मुआवजे के लिए शासन से आग्रह और पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी गई। इस दौरान चौकी प्रभारी अरविंद कुमार यादव भी दल बल के साथ मौजूद रहे।
# घटना के बाद छंटे डाल – पात
सुइथाकला। अक्सर शासकीय और प्रशासकीय कुनबा घटना के बाद जागने का कार्य करता है। कुछ यूं ही होते मंगलवार को बूढ़ूपुर गांव में देखने को मिला।सोमवार शार्ट सर्किट से हुए हादसे में पशुधन के जान गवाने के बाद विद्युत विभाग कुंभकर्णी निद्रा से जागते हुए गुजरे हाई टेंशन तार के अगल बगल लगे पेड़ पौधों के डाल पात कटवाने में जुटा। बताया जा रहा है ग्रामीणों के द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के बाद उक्त विभाग को डाल पांत छंटवाना सूझा। लोगों का कहना था कि यदि यही कार्य विभाग द्वारा समय समय पर करवा दिया जाता तो इस प्रकार के हादसे से जन धन को बचाया जा सकता है।आज पशु पालक को अपने पशु धन से हाथ नहीं धोना होता।



















