आजमगढ़ : भक्तों की सहजता पर रीझते हैं भगवान- आचार्य विनोद

आजमगढ़ : भक्तों की सहजता पर रीझते हैं भगवान- आचार्य विनोद

पवई/फूलपुर।
फैज़ान अहमद
तहलका 24×7
पवई बाजार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में कथाव्यास आचार्य विनोद जी महाराज ने व्यास मंच से कहा कि जिस प्रकार स्वांस आपके शरीर को चलाता है, ठीक उसी प्रकार विश्वास आपके संबंधों को चलाता है। बनावट, मिलावट, सजावट से दूर बच्चों की भांति, सरल-सहज ईश्वर में पूर्ण विश्वास सच्ची भक्ति है। जैसे बच्चे को खेलते हुए कभी-कभी माता-पिता हवा में उछाल देते हैं, उछालने पर बच्चा रोता नहीं है, बल्कि खिलखिला के हंसता है, क्योंकि बच्चे को माता पिता पर पूरा भरोसा होता है कि वे उसे गिरने नहीं देंगे, बल्कि गिरने से पहले बचा लेंगे। ठीक ऐसे ही अपने भगवान पर एक भक्त विश्वास करता है।

भक्त के मन में भगवान के प्रति किसी भी प्रकार का संदेह नहीं होता है, हस्तिनापुर के भरे सभागार में जब रानी द्रोपदी के वस्त्र पापी दुशासन द्वारा खींचा जा रहा था, तो उस समय निर्बल अबला रानी द्रोपदी अपनी लाज बचाने के लिए पूर्ण विश्वास के साथ करुण भाव से भगवान द्वारिकाधीश को पुकारीं हे!नाथ मेरी रक्षा करो, भक्त की करुण पुकार सुनते ही क्षणभर में भगवान बस्त्रावतार लेकर अपने भक्त की लाज बचा ली। कल कथा में वामनावतार श्रीराम जन्म एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र के अनेक श्रोताओं ने भाव विभोर होकर देर रात तक कथा सुनी। आज की कथा में बड़े धूमधाम से श्रीराम विवाहोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर जय नारायण सिंह, डॉ अशोक पांडेय, अशोक सेठ, अनूप श्रीवास्तव, जय प्रकाश सिंह, राजेश श्रीवास्तव आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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