कानपुर ट्रैक्टर हादसे के बाद शाहगंज के एतिहासिक दशहरा मेले की परम्परा पर लगा ग्रहण
# योगी सरकार ने ट्रैक्टर- ट्रक से सवारी ढुलाई पर लगा दी है पाबंदी
# देखना होगा कि रामलीला समिति और प्रशासन इस पर कौन सा निकालते हैं विकल्प
शाहगंज। रवि शंकर वर्मा तहलका 24×7 कानपुर में भीषण हादसे में 26 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ट्रैक्टर ट्राली पर सवारी को प्रतिबंधित किए जाने से शाहगंज वासियों के सामने बड़ा सवाल आ खड़ा हुआ है। यहां दशहरा मेले में लोगबाग ट्रैक्टर ट्राली पर बैठकर परिवार समेत मेला देखने जाते रहे हैं। इस बार इस पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद यह सवाल लाजिमी हो गया है कि मेले में ट्रैक्टर ट्राली जायेगी या नहीं ?
क्षेत्राधिकारी शासनादेश का हवाला देते हुए उसके पालन की बात कह रहे हैं। वहीं प्रभारी निरीक्षक की तरफ से पूरे क्षेत्र में लाउड स्पीकर से इस नए निर्णय का प्रचार प्रसार भी कराया गया। देखना होगा कि रामलीला समिति और प्रशासन इस पर कौन सा रास्ता निकालते हैं।
बता दें कि कानपुर आउटर में शनिवार को ट्रैक्टर ट्राली पलटने से उस पर सवार 26 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद यातायात निदेशालय ने ट्रैक्टर ट्राली और डाला डंपर समेत माल ढोने वाले सभी वाहनों पर यात्रा प्रतिबंधित कर दिया। सभी जिलों में अधिकारियों को इसके लिए 10 दिन का अभियान चलाने का आदेश जारी हुआ और दोषी पाए जाने पर 10 हजार के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया।
यह भी बताते चलें कि शाहगंज की 186 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला के दौरान होने वाले दशहरा मेले का बहुत बड़ा आकर्षण नगर की महिलाओं और बच्चों को लेकर रामलीला मैदान में पहुंचने वाले रंग बिरंगे ट्रैक्टर ट्राली भी होते हैं। एक अनुमान के मुताबिक मैदान में 100 से 150 की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली नगर वासियों को लेकर आती है और उसी पर बैठकर लोग रावण वध के साक्षी बनते हैं।
राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध के ऐलान के बाद नगरवासियों के जेहन में यह सवाल बार बार उमड़ रहा है। वजह ये भी है कि अधिकांश ने ट्रैक्टर ट्राली पहले ही बुक कर ली है। 1500 से 2000 तक की बुकिंग राशि में अच्छा खासा लोगों ने एडवांस भी दे रखा है। सोमवार को प्रभारी निरीक्षक द्वारा नए निर्णय की बाबत लाउड स्पीकर से प्रचार प्रसार भी कराया गया। जबकि रामलीला समिति के अध्यक्ष सोशल मीडिया पर पारंपरिक तौर पर मेला लगने की बात कह रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी अंकित कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि शासनादेश का पालन तो करना ही होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की पूरी कोशिश होगी कि किसी भी तरह नियमों का उल्लंघन न हो।