जौनपुर : औद्योगिक क्षेत्र की सड़क का अस्तित्व समाप्त…
शाहगंज। एख़लाक खान तहलका 24×7 क्षेत्र के ताखा पूरब गांव स्थित औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क का अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। बड़े और भारी वाहनों को छोड़ इस मार्ग पर दो पहिया वाहन से चलना जान जोखिम में डालने के समान है। पांच वर्ष से इस सड़क का कोई पुरसाहाल नहीं है।
बताते चलें कि वर्ष 2004 में समाजवादी पार्टी की सरकार में यहां औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया। चिरैया मोड़ से कटार आजमगढ़ तक तीन किलोमीटर सड़क की चौड़ाई तीन मीटर से अधिक नहीं बढ़ सकी। सात साल पहले सड़क बनी लेकिन भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन और सड़क निर्माण में गुणवत्ता न होने के कारण चंद महीनों में ही पूरी सड़क क्षतिग्रस्त होकर बिखर गई।
क्षेत्र में फ्लोर मिल, सरिया मिल, पाइप, बोरी, एल्युमीनियम के दर्जन भर कल-कारखाने समेत इंग्लिश मीडियम स्कूल भी संचालित है। सड़क विहीन औद्योगिक क्षेत्र में सरकार की सड़क गड्ढा मुक्त योजना भी नहीं पहुंच सकी। विगत पांच वर्षों से इस मार्ग पर लोक निर्माण विभाग की निगाह तक नहीं पहुंची। भारी भरकम राजस्व देने के बाद भी यहां के उद्यमी अपने कारखानों तक आने के लिए काफी विचार करते हैं। क्योंकि यहां आने पर उनकी कर के चैम्बर टकराते और वाहन खराब होते हैं। भारी मालवाहक आए दिन खराब होने से लोगों के व्यापार पर भी गहरा असर पड़ता है।
बीते विधानसभा चुनाव के दौरान यहां के उद्योग संचालकों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं का पोस्टर लगाकर सत्ता सरकार, जनप्रतिनिधियों और प्रत्याशियों तक अपनी पीड़ा से अवगत कराया था। चुनाव के बाद सड़क निर्माण का आश्वासन भी मिला, लेकिन बाद में नतीज़ा सीफर ही रहा…