क्षेत्र के रमदतपुर गांव के समीप सड़क किनारे गड्ढे में किसी ने अपना पाप छुपाने के लिए नवजात शिशु (बच्ची) को फेक दिया था। सुबह उधर से गांव निवासी किरन गुजर रही थी तो उसे शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जाकर देखा तो कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची रो रही थीं।उसने उसे गोद में उठाया।जानकारी होते ही गांव के लोग इकट्ठा हो गए। उसे तत्काल सीएचसी डोभी लाया गया। जहां अधीक्षक डॉ.एस के वर्मा ने उसका इलाज किया बताया कि शिशु का वजन 1.8 केजी है। वह कमजोर है लेकिन स्वस्थ हैं।इलाज के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित किया गया। सूचना पर पहुंचे मेम्बर अनुरुद्ध के पंकज को महिला कांस्टेबल भारती सिंह ने सुपुर्दगी में दी।