जौनपुर : 91 साल पुरानी है सरायहरखु की एतिहासिक रामलीला
बक्शा। दीपक श्रीवास्तव तहलका 24×7 बक्शा क्षेत्र के श्री सीताराम धर्म मंडल सरायहरखु की रामलीला 1 अक्टूबर से शुरू होगी। 1932 में जयन्ती प्रसाद, प्रेमनाथ, प्रकाश नाथ कायस्थ बंधुओं ने इस रामलीला मंचन की शुरुआत खेल खेल में शुरू कर दी थी। इन बंधुओं ने कागज व लकड़ी के मुकुट व तलवार गदा बना डाले थे।आज जिसमें देश कोने कोने में भी रहने वाले शिक्षक, चिकित्सक, न्याययिक सेवा में आसीन पदों के लोग गाँव मे आकर भाग लेंगे। यह जानकारी अध्यक्ष कृष्ण कुमार सिन्हा व मंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने दी।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्ष कोरोना व लाकडाउन के चलते रामलीला अच्छे से सम्पन्न नहीं हो पाया था। इस बार रामलीला का मंचन होगा बाहर रहने वाले सारे कलाकार आने शुरू हो गए हैं। इस रामलीला के सारे पात्र कायस्थ समाज के होते हैं।इसमे प्रमुख पात्र में रामजी की लीला वैभव सिन्हा, सीताजी की लीला अनुपम श्रीवास्तव व लक्ष्मण चित्रांश श्रीवास्तव, हनुमान अनुराग श्रीवास्तव, जनक पवन श्रीवास्तव, रावण सिद्धार्थ श्रीवास्तव, मेघनाद अवनीश श्रीवास्तव, शबरी बबलू श्रीवास्तव, केवट सतीश चंद्र श्रीवास्तव, दशरथ विनोद श्रीवास्तव, कुम्भकर्ण पुनीत श्रीवास्तव बखूबी रोल कर मनमोहक रामलीला का मंचन करते हैं।