तहसीलदार ने एसडीएम के पेशकार को दी गालियां, पेशकार ने डीएम को दिया इस्तीफा
गोरखपुर।
तहलका 24×7
सदर तहसील में रहते हुए गालीबाज तहसीलदार के रुप में चर्चा में आए ध्रुवेश कुमार सिंह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। खजनी में तैनात तहसीलदार ने इस बार एसडीएम के पेशकार को ही अपशब्द कह दिया।जिससे आहत पेशकार ने डीएम को अपना त्यागपत्र सौंपा है।जिलाधिकारी को दिए गए त्याग पत्र में पेशकार सुशील कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 29 जुलाई को तहसीलदार के पेशकार द्वारा एसडीएम खजनी के पोर्टल पर उप्र राजस्व संहिता 2006 धारा-34 का एक वाद स्थानांतरित किया गया।

राजस्व संहिता का वाद अपने पोर्टल पर देखकर एसडीएम ने उसे तहसीलदार के पोर्टल पर भेजने का आदेश दिया। मेरे द्वारा एसडीएम के आदेश का अनुपालन किया गया। इसी बात से नाराज तहसीलदार ने मुझे कार्यालय में बुलाकर गालियां देते हुए अपमानित किया। कोई प्रतिकार न करते हुए जब एसडीएम कोर्ट में आ गया तो वहां भी खूब गालियां दीं।हालांकि मामले में तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया।

घटना के विरोध में राजस्व विभाग के कर्मचारी लामबंद हो गए। जो तहसीलदार पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इस संदर्भ में एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि मेरे पास तहसीलदार के खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है। लोग जिले पर गए हैं।

खजनी के साथ ही आसपास की तहसील गोला और बांसगांव में कर्मचारियों ने पेशकार के अपमान पर कार्य बहिष्कार किया। गोला तहसील के कर्मचारियों ने तहसील के न्यायालयों की तालाबंदी की और पूरा दिन कार्य बहिष्कार किया। वहीं बांसगांव तहसील में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित सभी कार्यालयों में दिन भर ताले लटके रहे। किसी न्यायालय में कार्य न होने के कारण वादकारी वापस लौट गए।

खजनी के तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह करीब तीन माह पहले सदर तहसील में तहसीलदार थे। उन्होंने मोबाइल पर एक युवक को गालियां दीं और अधिवक्ताओं पर नकारात्मक टिप्पणी की थी। उसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने उन्हें हटा दिया था। बाद में उन्हें खजनी तहसील में भेजा गया, जहां गालियों की वजह से दोबारा विवाद खड़ा हो गया।
















